उत्तर प्रदेश

विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी तेज, 29 सितंबर से शुरू होगी EVM-VVPAT की फर्स्ट लेवल चेकिंग

Kavita2
26 Sept 2026 5:07 PM IST
विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी तेज, 29 सितंबर से शुरू होगी EVM-VVPAT की फर्स्ट लेवल चेकिंग
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बाराबंकी। विधानसभा आम चुनाव-2027 की तैयारियों के तहत जिले में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) 29 सितंबर से शुरू होगी। इस दौरान ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की निर्धारित मानकों के अनुसार जांच और परीक्षण किया जाएगा। निर्वाचन प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

ईवीएम और वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग जिला निर्वाचन कार्यालय परिसर में स्थित वेयरहाउस के एफएलसी हॉल में की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित दिशा-निर्देशों और मानकों के अनुसार पूरी की जाएगी। मशीनों की जांच के दौरान तकनीकी पहलुओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि चुनाव में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की जांच एवं परीक्षण निर्माता कंपनी के अधिकृत इंजीनियरों द्वारा किया जाएगा। एफएलसी के दौरान मशीनों को तकनीकी रूप से जांचा जाएगा, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया में इस्तेमाल से पहले उनकी स्थिति सुनिश्चित की जा सके।

फर्स्ट लेवल चेकिंग की प्रक्रिया में बेंगलुरु की भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के इंजीनियर मौजूद रहेंगे। उनकी निगरानी में ईवीएम और वीवीपैट की तकनीकी जांच की जाएगी। इस दौरान मशीनों के विभिन्न हिस्सों और उनकी कार्यप्रणाली का परीक्षण किया जाएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एफएलसी की पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के अनुसार होगी। इसके लिए जिला स्तर पर सभी जरूरी तैयारियां कर ली गई हैं। एफएलसी हॉल में मशीनों की जांच और परीक्षण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

फर्स्ट लेवल चेकिंग चुनाव की तैयारियों से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके तहत चुनाव में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध ईवीएम और वीवीपैट की तकनीकी स्थिति की जांच की जाती है। निर्माता कंपनी के अधिकृत इंजीनियर मशीनों का परीक्षण करेंगे। जांच के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।

एफएलसी प्रक्रिया के दौरान मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी उपस्थित रहने के लिए कहा गया है। इसके लिए जिले में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपने-अपने अधिकृत प्रतिनिधियों को नामित करने की बात कही गई है।

राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधि 29 सितंबर से एफएलसी की प्रक्रिया पूरी होने तक प्रतिदिन मौजूद रह सकेंगे और प्रक्रिया का अवलोकन कर सकेंगे। निर्वाचन से जुड़ी इस तकनीकी प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी भी निर्धारित व्यवस्था के तहत सुनिश्चित की जा रही है।

जिला प्रशासन की ओर से एफएलसी से संबंधित तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। मशीनों की जांच के दौरान संबंधित अधिकारी और निर्माता कंपनी के अधिकृत तकनीकी कर्मचारी मौजूद रहेंगे। प्रत्येक मशीन की जांच निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

विधानसभा आम चुनाव-2027 के मद्देनजर ईवीएम और वीवीपैट की जांच को चुनावी तैयारियों के शुरुआती चरण के रूप में देखा जा रहा है। एफएलसी में यह देखा जाएगा कि उपलब्ध मशीनें तकनीकी रूप से निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। इस प्रक्रिया के दौरान सामने आने वाली तकनीकी स्थिति के आधार पर मशीनों को आगे की चुनावी प्रक्रिया के लिए तैयार किया जाएगा।

निर्वाचन आयोग की ओर से ईवीएम और वीवीपैट से संबंधित प्रक्रियाओं के लिए निर्धारित नियमों और मानकों का पालन किया जाएगा। जिला निर्वाचन कार्यालय की निगरानी में होने वाली इस प्रक्रिया में अधिकृत इंजीनियर मशीनों की जांच करेंगे। पूरी प्रक्रिया एफएलसी हॉल में आयोजित की जाएगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी ईशान प्रताप सिंह के मुताबिक, एफएलसी को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा चुके हैं। संबंधित अधिकारियों को भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही राजनीतिक दलों को अपने अधिकृत प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

29 सितंबर से शुरू होने वाली फर्स्ट लेवल चेकिंग मशीनों की जांच पूरी होने तक जारी रहेगी। इस दौरान प्रतिदिन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ईवीएम और वीवीपैट का परीक्षण किया जाएगा। राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद रहकर प्रक्रिया का अवलोकन कर सकेंगे।

विधानसभा आम चुनाव-2027 को लेकर जिला निर्वाचन प्रशासन ने इस तरह ईवीएम और वीवीपैट की प्रारंभिक तकनीकी जांच की तैयारी पूरी कर ली है। 29 सितंबर से निर्माता कंपनी के अधिकृत इंजीनियरों की निगरानी में मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग शुरू होगी और निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के अनुसार पूरी प्रक्रिया संपन्न की जाएगी।

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