उत्तर प्रदेश

UP में तकनीकी क्रांति की तैयारी, लखनऊ और नोएडा में बनेंगे यू-हब

Ratna Netam
4 Aug 2026 6:51 PM IST
UP  में तकनीकी क्रांति की तैयारी, लखनऊ और नोएडा में बनेंगे यू-हब
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख तकनीकी और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में नोएडा और लखनऊ में **यू-हब (डीप टेक)** स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप, उद्योग, निवेशकों और शिक्षण संस्थानों को एक साझा मंच पर लाकर अत्याधुनिक तकनीकों के विकास को गति देना है। सरकार का मानना है कि यह पहल उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी डीप-टेक नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।
सरकार के अनुसार यू-हब का मुख्य उद्देश्य डीप-टेक अनुसंधान को व्यावसायिक रूप देना, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना, उद्यमिता को बढ़ावा देना और निवेश आकर्षित करना है। इसके माध्यम से स्टार्टअप कंपनियों, उद्योगों, अनुसंधान संस्थानों, निवेशकों और नीति निर्माताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। इससे नई तकनीकों के विकास के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
इस परियोजना को **द्वि-स्थलीय मॉडल** के तहत विकसित किया जाएगा। दोनों केंद्रों की विशेषज्ञता अलग-अलग क्षेत्रों पर केंद्रित होगी। नोएडा स्थित यू-हब में क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स, रक्षा प्रौद्योगिकी और एडवांस बायोटेक्नोलॉजी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वहीं लखनऊ केंद्र को एप्लाइड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), हेल्थटेक, इंडस्ट्रियल एआई और कृषि जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों के लिए विकसित किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस मॉडल से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तकनीकी विकास का संतुलन बना रहेगा।
यू-हब का संचालन राज्य सरकार के नियंत्रण में होगा। इसके लिए **11 सदस्यीय निदेशक मंडल** का गठन किया जाएगा, जो संस्थान की नीतियों, संचालन और विकास की निगरानी करेगा। यह बोर्ड विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के सहयोग से संस्थान को नवाचार और अनुसंधान का प्रभावी केंद्र बनाने की दिशा में काम करेगा।
सरकार ने इस परियोजना के विकास को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बनाई है। पहले चरण में नोएडा और लखनऊ में लगभग **25-25 हजार वर्ग फुट** क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। यहां आधुनिक को-वर्किंग स्पेस, प्रोटोटाइप तैयार करने की सुविधाएं, निवेशकों के लिए विशेष क्षेत्र और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में नोएडा में लगभग **चार लाख वर्ग फुट** और लखनऊ में करीब **दो लाख वर्ग फुट** क्षेत्र में अत्याधुनिक डीप-टेक परिसरों का निर्माण किया जाएगा, जहां वैश्विक स्तर की अनुसंधान और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सरकार का मानना है कि यू-हब केवल स्टार्टअप्स के लिए ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और उद्योगों के लिए भी बड़ा अवसर साबित होगा। यहां विकसित होने वाली तकनीकों का व्यावसायीकरण आसान होगा, जिससे नए उत्पाद और सेवाएं बाजार तक तेजी से पहुंच सकेंगी। साथ ही निवेशकों को भी एक ऐसा मंच मिलेगा, जहां वे नवाचार आधारित परियोजनाओं में निवेश कर सकेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार इस परियोजना से उत्तर प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवा उद्यमियों को अपने नवाचारों को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे स्टार्टअप्स की सफलता दर में सुधार होगा और उद्योग, अकादमिक संस्थानों तथा सरकार के बीच सहयोग भी मजबूत होगा।
योगी सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश को भविष्य की तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश न केवल निवेश का बड़ा केंद्र बने, बल्कि वैश्विक डीप-टेक नवाचार और अनुसंधान के मानचित्र पर भी अपनी मजबूत पहचान स्थापित करे।
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