उत्तर प्रदेश

पश्चिमी यूपी में बसपा मजबूत करने की तैयारी, प्रत्याशी चयन पर फोकस

Saba Naaz
15 July 2026 7:00 PM IST
पश्चिमी यूपी में बसपा मजबूत करने की तैयारी, प्रत्याशी चयन पर फोकस
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी प्रमुख मायावती ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर विशेष फोकस करते हुए पदाधिकारियों को प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। मायावती ने कहा है कि पश्चिमी यूपी की करीब 100 विधानसभा सीटों में से एक-तिहाई सीटों पर जुलाई महीने तक उम्मीदवारों का चयन कर लिया जाए।

विधानसभा चुनाव में अभी कई महीने का समय बाकी है, लेकिन बसपा ने चुनावी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी पहले से ही अलग-अलग क्षेत्रों में संभावित प्रत्याशियों पर मंथन कर रही है। पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के साथ बुंदेलखंड की कुछ सीटों पर भी प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा चल रही है। हालांकि पश्चिमी यूपी को लेकर मायावती की विशेष नजर बनी हुई है।

मंगलवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पार्टी पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में मायावती ने संगठन की मजबूती, सदस्यता अभियान और प्रत्याशी चयन को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया जाए, ताकि चुनाव के दौरान पार्टी का जनाधार और अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सके।

बसपा प्रमुख ने साफ-सुथरी छवि वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है। पार्टी की रणनीति के तहत ऐसे प्रत्याशियों का चयन किया जाएगा, जिनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ हो और जो जनता के बीच स्वीकार्य हों। बसपा इस बार सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों के चयन पर विशेष ध्यान दे रही है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, मायावती ने पश्चिमी यूपी के मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और बरेली मंडल की सीटों पर खास ध्यान देने को कहा है। इन क्षेत्रों में जातीय समीकरण और स्थानीय मुद्दे चुनावी परिणामों को प्रभावित करते हैं। ऐसे में बसपा मजबूत सामाजिक समीकरण वाले उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है।

बसपा की रणनीति में ‘सोशल इंजीनियरिंग’ को भी अहम स्थान दिया जा रहा है। पार्टी अलग-अलग वर्गों और समुदायों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए ऐसे उम्मीदवारों की तलाश की जा रही है, जो क्षेत्र में पार्टी के आधार वोट के साथ अन्य वर्गों का समर्थन भी जुटा सकें।

बैठक में सदस्यता अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मायावती ने कार्यकर्ताओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्टी से जोड़ने और संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चुनावी सफलता के लिए मजबूत संगठन और सही उम्मीदवार दोनों जरूरी हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बसपा का प्रदर्शन पहले भी कई बार महत्वपूर्ण रहा है। यही वजह है कि पार्टी इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। मायावती के निर्देश के बाद अब जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारी संभावित उम्मीदवारों के नामों पर काम करेंगे।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बसपा द्वारा चुनाव से काफी पहले प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया शुरू करना एक रणनीतिक कदम है। इससे उम्मीदवारों को क्षेत्र में काम करने और जनता के बीच अपनी पहचान बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल सकता है।

फिलहाल पार्टी का पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने और पश्चिमी यूपी की सीटों पर मजबूत उम्मीदवार उतारने पर है। आने वाले दिनों में बसपा की ओर से और सीटों पर प्रत्याशियों के नाम सामने आने की संभावना है।

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