उत्तर प्रदेश

Prayagraj: हैंडपंप मरम्मत के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग

Admindelhi1
28 April 2026 3:13 PM IST
Prayagraj: हैंडपंप मरम्मत के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग
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प्रयागराज: यमुनानगर क्षेत्र के विकासखंड चाका अंतर्गत ग्राम पंचायत छरिबना में सरकारी धन की बंदरबांट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि अप्रैल माह में हैंडपंप मरम्मत के नाम पर करीब ₹50,000 की राशि फर्जी बिल-वाउचर के जरिए निकाल ली गई, जबकि गांव में कहीं भी मरम्मत का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिल रहा। सवाल सीधा है—आखिर पैसा गया कहां?

ग्राउंड पड़ताल में सामने आया कि जिस हैंडपंप की मरम्मत दिखाकर पैसा निकाला गया, उसकी पहचान तक स्पष्ट नहीं है। गांव के कई हिस्सों में खराब पड़े हैंडपंप ज्यों के त्यों हैं, लेकिन रिकॉर्ड में मरम्मत पूरी दिखाई गई है। यह सीधे-सीधे सरकारी धन की हेराफेरी की ओर इशारा करता है।

मामले में अधिकारियों के बयान भी शक को और गहरा कर रहे हैं। ग्राम पंचायत सचिव हर्षित सिंह का कहना है कि बिल में मटेरियल सामग्री दर्ज है, जबकि कार्यभार संभाल रहे सचिव रवि शंकर का दावा है कि बिल-वाउचर में कुछ भी स्पष्ट नहीं दिख रहा। एक ही मामले में दो अलग-अलग बयान—यह प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

स्थानीय निवासी और पूर्व ग्राम प्रधान अभयराज ने आरोप लगाया कि गांव में यह कोई पहला मामला नहीं है। पूर्व में भी कई बार भ्रष्टाचार के आरोप लगे, लेकिन हर बार कार्रवाई कागजों में ही सीमित रह गई। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधान सुधाकर मिश्रा के कार्यकाल में कराया गया रिबोर कार्य भी वर्तमान व्यवस्था में संदिग्ध तरीके से प्रभावित किया गया—सामान हटाकर दूसरी जगह उपयोग कर लिया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने पर सिर्फ आश्वासन मिलता है“आज करेंगे, कल करेंगे”—लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं होती। इससे गांव में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और लोग खुलकर विरोध की तैयारी में हैं।

इस पूरे प्रकरण में अब निगाहें जिला पंचायत राज अधिकारी रवि शंकर द्विवेदी पर टिक गई हैं। उन्होंने जांच कर कठोर कार्रवाई का भरोसा जरूर दिया है, लेकिन सवाल यही है क्या यह मामला भी अन्य फाइलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा, या सच में दोषियों पर शिकंजा कसेगा?

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