उत्तर प्रदेश

Prayagraj: महाकुंभ में यूनेस्को प्रतिनिधि टिम कार्टिस का संदेश

Admindelhi1
20 Feb 2025 12:12 PM IST
Prayagraj: महाकुंभ में यूनेस्को प्रतिनिधि टिम कार्टिस का संदेश
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"वैश्विक शांति और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी"

प्रयागराज: संगम तट पर आस्था की डुबकी लगाने के बाद यूनेस्को प्रतिनिधि टिम कार्टिस ने बुधवार को कहा कि विश्व शांति, सौहार्द और सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सभी देशों, संगठनों और व्यक्तियों को एकजुट होना होगा। यह केवल किसी एक संस्था या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सम्पूर्ण मानवता का साझा कर्तव्य है।

यूनेस्को का उद्देश्य – मानवता के लिए शांति और सतत विकास

टिम कार्टिस ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) शिक्षा, संस्कृति, विज्ञान और संचार के माध्यम से विश्व शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देता है। इसका उद्देश्य मानवता के विचारों और भावनाओं में शांति स्थापित करना और सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करना है।

परमार्थ निकेतन शिविर में संतों से चर्चा

महाकुंभ में टिम कार्टिस परमार्थ निकेतन शिविर भी पहुंचे, जहां उन्होंने स्वामी चिदानंद सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती से मुलाकात की। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक शांति जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

साध्वी भगवती सरस्वती ने उन्हें परमार्थ निकेतन के ईको-फ्रेंडली टेंट और पर्यावरण संरक्षण के लिए की जा रही पहलों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान प्रयागराज पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा, कमिश्नर विजय विश्वास पंत, मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

स्वामी चिदानंद सरस्वती – "पर्यावरणीय संकट से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी"

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने यूनेस्को के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय संकट आज की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने कहा—

"हम सभी का भविष्य इसी धरती पर निर्भर करता है, इसलिए इसका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।"

साध्वी भगवती सरस्वती – "पर्यावरण संरक्षण अध्यात्मिक और नैतिक कर्तव्य"

साध्वी भगवती सरस्वती ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि

"प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह एक आध्यात्मिक और नैतिक कर्तव्य भी है।"

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आध्यात्मिक दृष्टिकोण से पर्यावरण का संरक्षण जीवन की एक अनिवार्य आवश्यकता है।

महाकुंभ के इस भव्य आयोजन में टिम कार्टिस की उपस्थिति और संदेश ने पर्यावरण और वैश्विक शांति को लेकर एक महत्वपूर्ण संवाद की शुरुआत की।

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