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Prayagraj: प्रेमी युगल की याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने मुकदमे को बताया जायज

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खुद की जान को परिजनों से खतरा बताकर सुरक्षा की मांग करने वाले प्रेमी युगल की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने प्रस्तुत विवाह प्रमाणपत्र को फर्जी पाए जाने के बाद संबंधित थाना पुलिस को जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया, जिसके तहत अब प्रेमी युगल पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मामला मंझनपुर क्षेत्र के एक युवक और सैनी इलाके की युवती से जुड़ा है। दोनों के बीच प्रेम संबंध थे, जिसकी भनक परिजनों को लगते ही उनके मिलने-जुलने पर पाबंदी लगा दी गई। विरोध से परेशान होकर दोनों घर छोड़कर फरार हो गए और अक्टूबर 2024 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने परिजनों से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी।
फर्जी निकला विवाह प्रमाणपत्र: कोर्ट में याचिका के साथ प्रस्तुत किए गए विवाह प्रमाणपत्र की जब जांच कराई गई तो वह प्रयागराज के सहसों स्थित एक आर्य समाज मंदिर के नाम पर फर्जी पाया गया। सत्यापन के दौरान सहसों आर्य समाज के प्रधान ने स्पष्ट रूप से लिखकर दे दिया कि उनके यहां कोई ऐसा विवाह नहीं हुआ और वहां इस नाम की कोई संस्था मौजूद नहीं है।
इस खुलासे के बाद कोर्ट ने याचिका को तत्काल प्रभाव से खारिज करते हुए मंझनपुर इंस्पेक्टर को जांच और विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए। मामले में इंस्पेक्टर संजय तिवारी ने बताया कि जांच के बाद शमसाबाद चौकी प्रभारी की ओर से प्रेमी युगल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया गया है। दोनों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।





