- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- Prayagraj: हाईकोर्ट...
Prayagraj: हाईकोर्ट अधिवक्ता को नजरबंद रखने पर सख्त

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आगरा में एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी के दौरे के दौरान 70 वर्षीय अधिवक्ता महताब सिंह को घर में नजरबंद किए जाने के मामले में कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी नागरिक की स्वतंत्रता को इस प्रकार सीमित नहीं किया जा सकता, और तथ्य छिपाने या दबाने की किसी भी कोशिश को अदालत बर्दाश्त नहीं करेगी।
इस प्रकरण की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति डोनाडी रमेश की खंडपीठ ने कहा कि चूंकि यह घटना इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश के दौरे के दौरान हुई, इसलिए यह और भी संवेदनशील मामला बन जाता है।
याचिका में अधिवक्ता महताब सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्हें 15 नवंबर 2024 को बीएनएसएस की धारा 168 (संज्ञेय अपराधों की रोकथाम) के तहत नोटिस दिए जाने के बाद 10 घंटे तक उनके घर में नजरबंद रखा गया। इस पर कोर्ट ने डीसीपी को 24 अप्रैल को पूरी रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेजों के साथ अदालत में तलब किया है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि अधिवक्ता पर निगरानी रखने की क्या आवश्यकता थी।
इससे पहले कोर्ट ने आगरा के जिला जज से रिपोर्ट तलब की थी, जिसके जवाब में पुलिस आयुक्त ने हलफ़नामा दाखिल कर प्रक्रियागत त्रुटियों को स्वीकार किया और भविष्य में अधिक सतर्क रहने की बात कही। उन्होंने मामले में माफी भी मांगी, लेकिन कोर्ट ने हलफ़नामे की भाषा पर असंतोष जताते हुए इसे मुद्दे को दबाने की कोशिश करार दिया।
हाईकोर्ट ने इस पूरे प्रकरण को असामान्य और नागरिक अधिकारों के उल्लंघन का उदाहरण बताया है, जिस पर विस्तृत सुनवाई की जाएगी।





