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Prayagraj: माघ मेला के दौरान हुई स्वास्थ्य और अध्यात्म पर चर्चा

प्रयागराज: विश्व आयुर्वेद मिशन एवं आयुर्वेद विभाग प्रयागराज के संयुक्त तत्वावधान में “आयुर्वेद, योग एवं आध्यात्म सर्वांगीण स्वास्थ्य के त्रिस्तम्भ” विषय पर सोमवार, 26 जनवरी 2026 को एक वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन महर्षि भारद्वाज राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय माघ मेला, प्रयागराज में झंडु के सौजन्य से किया गया। जिसका उद्घाटन इलाहाबाद उच्च न्यायालय की माननीय न्यायमूर्ति श्रीमती मंजू रानी चौहान ने किया ।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माननीय सदस्य श्री कल्प राज सिंह एवं सारस्वत अतिथि के रूप में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, गंगा नाथ झा परिसर के निदेशक प्रो. ललित कुमार त्रिपाठी उपस्थित रहे । कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ मनोज कुमार सिंह ने की। कार्यक्रम का प्रारम्भ डॉ विद्याधर द्विवेदी जी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया तत्पश्चात डॉ. पंकज मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के संयोजक एवं विश्व आयुर्वेद मिशन के संस्थापक अध्यक्ष प्रो.(डॉ.) गिरीन्द्र सिंह तोमर ने विषय प्रवर्तन करते हुए बताया कि आयुर्वेद, योग एवं अध्यात्म समग्र स्वास्थ्य के तीन प्रमुख स्तंभ हैं ।आयुर्वेद का प्रमुख उद्देश्य स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना है । इसमें वर्णित जीवनशैली अत्यंत व्यावहारिक एवं वैज्ञानिकता से ओतप्रोत है । यही नहीं आयुर्वेद से जीर्ण एवं असाध्य रोगों की चिकित्सा भी संभव है । मुख्य अतिथि के रूप में अपने उद्बोधन में माननीय न्यायमूर्ति श्रीमती मंजूरानी चौहान ने कहा कि आयुर्वेद भारतीय ज्ञान परम्परा की अमूल्य धरोहर है । हज़ारों वर्ष पूर्व हमारे महर्षियों ने स्वस्थ जीवनशैली का जो वर्णन किया है वह आज के परिवेश में भी अनुकरणीय है ।
विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने उद्बोधन में कल्पराज सिंह ने आयोजकों को इस सामयिक संगोष्ठी के लिए धन्यवाद दिया एवं आयुर्वेद एवं योग को स्वस्थ जीवन का सशक्त माध्यम बताया। डॉ. ललित कुमार त्रिपाठी ने आध्यात्मिक स्वास्थ्य के बिना समग्र स्वास्थ्य को अधूरा बताया । उन्होंने कहा कि आयुर्वेद आरोग्य प्रदान करने की जीवंत विधा है । आरोग्य से ही व्यक्ति धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष पुरुषार्थ चतुष्ट्य को प्राप्त कर सकता है । डॉ मनोज कुमार सिंह ने आयुष विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा तीर्थ यात्रियों एवं साधु संतों के चिकित्सा सुविधा के लिए मुहैया कराई गईं सुविधाओं का विस्तार से उल्लेख किया । उन्होंने बताया कि अब तक मेले में कार्यरत पाँच आयुर्वेद चिकित्सालयों में लगभग 48 हज़ार मरीज देखे जा चुके हैं । इस अवसर पर माघ मेला में साधु, संन्यासियों, कल्पवासियों एवं तीर्थ यात्रियों की अहर्निश चिकित्सा सेवा करने एवं इसमें सहयोग करने वाले चिकित्सकों, फार्मासिस्टों एवं सहयोगी स्टाफ़ को विश्व आयुर्वेद मिशन की ओर से सम्मान प्रमाण पत्र प्रदान किया गया ।
संचालन आयोजन सचिव डॉ अवनीश पाण्डेय ने किया। समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ । इस अवसर पर डॉ. भारत नायक, डॉ अवधेश त्रिपाठी, डॉ. ब्रह्मानंद, डॉ. पवन मिश्रा, डॉ पंकज मिश्रा, डॉ राजेन्द्र कुमार, डॉ. अवनीश पांडेय, डॉ. अनिल कुमार सिंह, डॉ. हेमंत कुमार सिंह, डॉ. लतिका, डॉ सुमन मिश्रा, डॉ नीतू सिंह, डॉ. महेंद्र त्रिपाठी, डॉ राजतिलक तिवारी, डॉ राम अभिलाष, डॉ आशुतोष मिश्रा, डॉ विवेक द्विवेदी, डॉ रविकांत प्रजापति, डॉ दीपक सोनी, सतीश चंद्र दुबे, नागेश दुबे मुकेश मोहन शुक्ला मौजूद रहे।





