उत्तर प्रदेश

Prayagraj: शाही जामा मस्जिद मामले में ASI को 10 मार्च तक जवाब देने का निर्देश

Admindelhi1
5 March 2025 10:18 AM IST
Prayagraj: शाही जामा मस्जिद मामले में ASI को 10 मार्च तक जवाब देने का निर्देश
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"मस्जिद में रंगाई-पुताई और मरम्मत की अनुमति मांगी गई थी"

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल की शाही जामा मस्जिद की प्रबंधन समिति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की, जिसमें मस्जिद में रंगाई-पुताई और मरम्मत की अनुमति मांगी गई थी। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकलपीठ ने इस मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को 10 मार्च तक जवाब दाखिल करने का समय दिया है।

1927 के समझौते पर उठे सवाल

मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान, विपक्षी संख्या एक के अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने मस्जिद समिति और सरकार के बीच वर्ष 1927 में हुए समझौते को चुनौती दी। समिति ने इसी समझौते का हवाला देते हुए दावा किया था कि मस्जिद में मरम्मत और रंगाई-पुताई का अधिकार उसके पास है, न कि ASI के पास।

विपक्षी पक्ष के वकील ने दलील दी कि प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 के लागू होने के बाद, प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम, 1904 के तहत हुआ यह समझौता प्रभावी नहीं रह जाता। इसके अलावा, समझौते की शर्तों के अनुसार भी मरम्मत का अधिकार ASI को है, न कि मस्जिद समिति को।

हिंदू प्रतीकों को छिपाने का आरोप

अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि मस्जिद समिति ने बिना अनुमति के इमारत के अंदर बड़े पैमाने पर परिवर्तन किए हैं। उन्होंने दावा किया कि हिंदू चिन्हों और प्रतीकों को छिपाने के लिए दीवारों और स्तंभों पर रंग-रोगन किया गया है।

मस्जिद के नाम पर भी विवाद

कोर्ट ने मस्जिद के मूल नाम पर भी चर्चा की। 1927 के समझौते में इसे 'जुम्मा मस्जिद' कहा गया है, जबकि विपक्षी इसे 'जामी मस्जिद' कहते हैं और समिति के अनुसार यह 'जामा मस्जिद' है।

समिति की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफए नकवी ने दलील दी कि संभल की निचली अदालत में वादियों द्वारा 'जामी' मस्जिद शब्द का उपयोग किया गया था, इसलिए हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दाखिल करते समय समिति ने भी यही शब्द इस्तेमाल किया ताकि रजिस्ट्री की आपत्तियों से बचा जा सके।

अगली सुनवाई 10 मार्च को

कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च, सोमवार सुबह 10 बजे के लिए निर्धारित कर दी है।

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