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उत्तर प्रदेश
लखनऊ में पानी सीवर संकट पर सियासत तेज भाजपा ने नगर निगम के खिलाफ खोला मोर्चा
Ratna Netam
7 Sept 2026 3:17 PM IST

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में पेयजल, सीवर, जलभराव और सफाई व्यवस्था को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों का गुस्सा सोमवार को सड़क पर दिखाई दिया। जोन-8 कार्यालय के बाहर भाजपा नेता संजीव मिश्रा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की और स्थानीय समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान ‘योगी से बैर नहीं, नगर निगम तेरी खैर नहीं’ जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रदेश सरकार की ओर से विकास और जनसुविधाओं को लेकर लगातार काम किए जाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर नगर निगम की कार्यप्रणाली से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उनका आरोप था कि कई इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है और शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा।
पानी और सीवर की समस्या से लोग परेशान
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाजपा जिला मंत्री संजीव मिश्रा ने भदरूख क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उनके मुताबिक, इलाके के सैकड़ों परिवार लंबे समय से पेयजल संकट और सीवर जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है, जबकि सीवर व्यवस्था प्रभावित होने के कारण गंदगी और जलभराव जैसी परेशानियां भी सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी उन्हें लगातार शिकायत करनी पड़ रही है। कई बार संबंधित विभागों तक शिकायत पहुंचाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर समस्याओं का निरीक्षण करना चाहिए और समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
जलभराव और टूटी सड़कों का भी मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान केवल पानी और सीवर ही नहीं, बल्कि जलभराव, टूटी सड़कों, सफाई और कूड़ा प्रबंधन की समस्याएं भी उठाई गईं। जोन-8 कार्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए। लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बारिश के दौरान कई इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो जाती है।
लखनऊ में हाल के दिनों में बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई है। इससे घरों और दुकानों तक पानी पहुंचने की शिकायतें भी हुई हैं। नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर नागरिकों की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं।
भाजपा पार्षद भी पहले उठा चुके हैं सवाल
नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर भाजपा के पार्षद भी हाल के दिनों में विरोध जता चुके हैं। सफाई व्यवस्था को लेकर भाजपा पार्षदों ने नगर निगम मुख्यालय में प्रदर्शन किया था। पार्षदों ने आरोप लगाया था कि कई वार्डों में घर-घर कचरा संग्रहण और सड़क सफाई की व्यवस्था ठीक ढंग से नहीं चल रही है।
महानगर वार्ड के भाजपा पार्षद हरिश्चंद्र लोधी भी नगर निगम मुख्यालय में धरने पर बैठ चुके हैं। उन्होंने सफाई व्यवस्था से जुड़ी एक निजी संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि संबंधित एजेंसी के कामकाज से वार्ड की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
प्रशासन पर बढ़ा समाधान का दबाव
लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच नगर निगम और संबंधित विभागों पर समस्याओं के समाधान का दबाव बढ़ रहा है। पेयजल, सीवर, जल निकासी और सफाई सीधे तौर पर आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े मुद्दे हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों के स्थानीय नेताओं के प्रदर्शन के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि नगर निगम इन समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल भाजपा के इस प्रदर्शन ने राजधानी में स्थानीय निकाय की कार्यप्रणाली और बुनियादी सुविधाओं को लेकर बहस को फिर तेज कर दिया है। प्रदेश सरकार से जुड़े मुद्दों के बजाय स्थानीय स्तर पर नगर निगम को निशाने पर लेकर किया गया यह प्रदर्शन भाजपा के भीतर भी नागरिक सुविधाओं को लेकर बढ़ती नाराजगी को सामने लाता है।
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