उत्तर प्रदेश

सहारनपुर मस्जिद प्रकरण पर सियासत तेज, पीड़ितों से मिलने जा रहे अजय राय को पुलिस ने रोका

Kavita2
7 Sept 2026 3:58 PM IST
सहारनपुर मस्जिद प्रकरण पर सियासत तेज, पीड़ितों से मिलने जा रहे अजय राय को पुलिस ने रोका
x

लखनऊ। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में अदालत के आदेश के बाद मस्जिद को ध्वस्त किए जाने के प्रकरण को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। इसी बीच मस्जिद कमेटी के सदस्यों और प्रभावित लोगों से मुलाकात करने के लिए सहारनपुर जाने की तैयारी कर रहे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय को सोमवार को लखनऊ में पुलिस ने रोक लिया। कांग्रेस का दावा है कि पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस लाइन ले गई।

जानकारी के मुताबिक, अजय राय सोमवार को लखनऊ स्थित कांग्रेस मुख्यालय से सहारनपुर जाने के लिए निकले थे। उनके साथ पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। जैसे ही वह पार्टी मुख्यालय से निकलकर माल एवेन्यू चौराहे के पास पहुंचे, पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया।

इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच बातचीत हुई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अजय राय को सहारनपुर जाने देने की मांग की, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए पुलिस अजय राय को अपने साथ पुलिस लाइन ले गई।

मस्जिद कमेटी और प्रभावित लोगों से मिलने का था कार्यक्रम

कांग्रेस के मुताबिक, अजय राय का उद्देश्य सहारनपुर पहुंचकर मस्जिद कमेटी के सदस्यों और प्रकरण से प्रभावित लोगों से मुलाकात करना था। पार्टी की ओर से कहा गया कि प्रदेश अध्यक्ष घटनाक्रम की जानकारी लेने और संबंधित लोगों से बातचीत करने के लिए वहां जाना चाहते थे।

मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है। विपक्षी दलों के नेताओं की ओर से लगातार इस प्रकरण पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कांग्रेस भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रही है।

अजय राय के सहारनपुर जाने के कार्यक्रम को देखते हुए लखनऊ में उनके निकलने से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। पार्टी कार्यालय और आसपास पुलिसकर्मियों की मौजूदगी रही। जैसे ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अपने समर्थकों के साथ आगे बढ़े, उन्हें रोक दिया गया।

अजय राय ने सरकार पर लगाए आरोप

पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद अजय राय ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को ध्वस्त करने की घटना से जुड़े लोगों और मस्जिद कमेटी के सदस्यों से मिलने से उन्हें रोका जा रहा है।

अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के इशारे पर पुलिस ने उनके और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित तौर पर तानाशाही रवैया अपनाया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विपक्ष का कोई नेता प्रभावित लोगों से मुलाकात करना चाहता है तो उसे क्यों रोका जा रहा है।

यह अजय राय और कांग्रेस का आरोप है। पुलिस अथवा राज्य सरकार की ओर से कार्रवाई को लेकर सामने आने वाला आधिकारिक पक्ष भी मामले में महत्वपूर्ण होगा।

कार्यकर्ताओं ने किया विरोध

प्रदेश अध्यक्ष को रोके जाने की जानकारी मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अजय राय को सहारनपुर जाने की अनुमति देने की मांग की। कुछ देर तक माल एवेन्यू क्षेत्र में राजनीतिक गहमागहमी बनी रही।

अजय राय भी सहारनपुर जाने की अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस उन्हें अपने साथ पुलिस लाइन ले गई। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताया।

घटनाक्रम के बाद कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर भी प्रतिक्रिया सामने आई। पार्टी नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष को रोके जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा।

सहारनपुर के घटनाक्रम से गरमाई राजनीति

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में अदालत के आदेश के बाद मस्जिद को ध्वस्त किए जाने के प्रकरण ने राजनीतिक रूप ले लिया है। मामले को लेकर पक्ष-विपक्ष की ओर से लगातार बयान सामने आ रहे हैं। विपक्षी दल घटनास्थल और प्रभावित पक्षों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके कारण राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

ऐसे संवेदनशील मामलों में प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी रहती है। इसी बीच विपक्ष का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक नेताओं को संबंधित पक्षों से मिलने से रोकना उचित नहीं है।

अजय राय को सहारनपुर जाने से रोके जाने के बाद कांग्रेस और सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर प्रदेश सरकार पर लगातार सवाल उठा रही है।

आगे भी जारी रह सकता है सियासी घमासान

सहारनपुर की घटना अब स्थानीय विवाद तक सीमित नहीं रह गई है। प्रदेश स्तर के नेताओं की सक्रियता ने इसे उत्तर प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बना दिया है। आने वाले दिनों में अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडल भी संबंधित पक्षों से मिलने की कोशिश कर सकते हैं।

फिलहाल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को सहारनपुर जाने से रोके जाने को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है। कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर सरकार को घेर रही है। दूसरी तरफ प्रशासन की कार्रवाई के पीछे कानून-व्यवस्था संबंधी कारणों का आधिकारिक विवरण सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि कांग्रेस इस मामले में आगे क्या रणनीति अपनाती है और अजय राय को सहारनपुर जाकर मस्जिद कमेटी तथा प्रभावित लोगों से मिलने की अनुमति मिलती है या नहीं।

Next Story