उत्तर प्रदेश

Rampur में जौहर विश्वविद्यालय पर सियासत तेज

Ratna Netam
22 July 2026 2:31 PM IST
Rampur  में जौहर विश्वविद्यालय पर सियासत तेज
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Uttar Pradesh उत्तरप्रदेश : समाजवादी पार्टी ने आजम खां के जौहर विश्वविद्यालय को लेकर प्रशासन की प्रस्तावित कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विश्वविद्यालय को बचाने के लिए 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। यह टीम गुरुवार को रामपुर पहुंचकर जिलाधिकारी से मुलाकात करेगी और विश्वविद्यालय पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई का विरोध दर्ज कराएगी।

सपा की ओर से गठित इस टीम का नेतृत्व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के 16 विधायक, दो जिलाध्यक्ष और दो पूर्व विधायक समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं। टीम रामपुर पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों के सामने पार्टी का पक्ष रखेगी और जौहर विश्वविद्यालय पर किसी भी तरह की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं करने की मांग करेगी।

दरअसल, रामपुर विकास प्राधिकरण ने आजम खां के मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 40 में से 38 भवनों को बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण के चलते अवैध घोषित किया है। प्राधिकरण की ओर से विश्वविद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर इन भवनों को स्वयं हटाने के लिए कहा गया है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि अगर तय समय में विश्वविद्यालय प्रबंधन ने खुद अवैध निर्माण नहीं हटाया, तो प्रशासन की ओर से बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इस कार्रवाई में आने वाले खर्च की वसूली भी विश्वविद्यालय प्रबंधन से की जाएगी।

प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है। पार्टी का कहना है कि जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोजर चलाना देश के शैक्षिक ढांचे और शिक्षा के अधिकार की मूल भावना के खिलाफ है। सपा नेताओं का आरोप है कि इस तरह की कार्रवाई से गरीब, पिछड़े और दलित वर्ग के छात्रों की शिक्षा प्रभावित होगी।

समाजवादी पार्टी ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय में विभिन्न धर्मों और वर्गों के हजारों छात्र-छात्राएं कम फीस में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। पार्टी का दावा है कि विश्वविद्यालय ने लंबे समय से क्षेत्र में शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने का काम किया है। ऐसे में प्रशासन की कार्रवाई से छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता है।

सपा प्रतिनिधिमंडल रामपुर जिलाधिकारी से मुलाकात कर एक ज्ञापन भी सौंपेगा। पार्टी की ओर से प्रशासन से मांग की जाएगी कि विश्वविद्यालय के खिलाफ चल रही बुलडोजर कार्रवाई को रोका जाए और पूरे मामले पर उचित तरीके से विचार किया जाए।

वहीं, प्रशासन की ओर से कहा गया है कि कार्रवाई नियमों के तहत की जा रही है। प्राधिकरण का कहना है कि जिन भवनों का नक्शा पास नहीं है, उनके खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को पहले ही नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने और आवश्यक कार्रवाई करने का मौका दिया है।

जौहर विश्वविद्यालय का मामला लंबे समय से राजनीतिक चर्चा का विषय रहा है। आजम खां के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर पहले भी कई विवाद सामने आ चुके हैं। अब भवनों के नक्शे को लेकर शुरू हुई कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह मुद्दा राजनीतिक रूप से गर्मा गया है।

सपा की 28 सदस्यीय टीम के रामपुर दौरे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जहां समाजवादी पार्टी इसे शिक्षा और छात्रों के हितों से जुड़ा मामला बता रही है, वहीं प्रशासन इसे नियमों के पालन से जुड़ी कार्रवाई बता रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि जिलाधिकारी से मुलाकात के बाद इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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