उत्तर प्रदेश

JPNIC मामले में सियासी घमासान योगी ने लगाए गंभीर आरोप

Ratna Netam
29 Aug 2026 3:42 PM IST
JPNIC मामले में सियासी घमासान योगी ने लगाए गंभीर आरोप
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि JPNIC को निजी कंपनी की तरह चलाने और उसकी कमाई परिवार तक पहुंचाने की योजना बनाई गई थी। सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी का भविष्य भी कभी जनता दल जैसा हो सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में आयोजित जनसभा के दौरान JPNIC मुद्दे पर सपा और अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने दावा किया कि इस परियोजना की शुरुआती लागत करीब 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन सपा सरकार के दौरान इस पर करीब 864 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके बाद भी परियोजना अधूरी रह गई।
JPNIC को लेकर सपा पर लगाए गंभीर आरोप
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी सरकार की मंशा JPNIC को सरकारी संपत्ति की तरह नहीं बल्कि एक निजी कंपनी की तरह चलाने की थी। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से बने इस सेंटर से होने वाली कमाई को एक परिवार तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी।
योगी ने कहा कि इस योजना में होटल, जिम, क्लब और अन्य सुविधाओं को शामिल किया गया था। उनका आरोप था कि इसका लाभ आम जनता के बजाय कुछ खास लोगों को पहुंचाने की तैयारी थी।
हालांकि समाजवादी पार्टी इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है। अखिलेश यादव ने JPNIC को लेकर योगी सरकार पर हमला करते हुए आरोप लगाया था कि सरकार जय प्रकाश नारायण की विचारधारा से जुड़े इस केंद्र को निजी हाथों में सौंप रही है।
864 करोड़ खर्च पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि JPNIC को पूरा करने के लिए अभी भी बड़ी राशि की जरूरत होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के पैसे का सही इस्तेमाल नहीं हुआ और परियोजना को अधूरा छोड़ दिया गया।
योगी ने कहा कि सरकार अब इस तरह की संपत्तियों का उपयोग प्रदेश के विकास और जनता के हित में करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल में हुए खर्च और फैसलों पर सवाल उठाए।
JPNIC को लेकर क्यों छिड़ी राजनीतिक लड़ाई
लखनऊ स्थित जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर अखिलेश यादव सरकार के समय शुरू की गई बड़ी परियोजनाओं में शामिल था। इसमें खेल सुविधाएं, कन्वेंशन सेंटर और अन्य आधुनिक सुविधाओं की योजना बनाई गई थी।
हाल ही में JPNIC को लीज पर देने के फैसले के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंप रही है। वहीं सरकार का कहना है कि इससे अधूरी परियोजना पूरी होगी और इसका बेहतर उपयोग हो सकेगा।
अखिलेश पर परिवारवाद का हमला
सीएम योगी ने अपने भाषण में समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि सपा में एक ही परिवार के लोगों को आगे बढ़ाया जाता है।
योगी ने अखिलेश यादव के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर पार्टी केवल परिवार तक सीमित रहेगी तो उसका राजनीतिक विस्तार कमजोर होगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में सपा की स्थिति भी जनता दल जैसी हो सकती है।
कानून व्यवस्था और विकास का भी किया जिक्र
जनसभा में मुख्यमंत्री योगी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब कानून व्यवस्था बेहतर हुई है और निवेश व विकास के नए अवसर पैदा हुए हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार युवाओं को रोजगार, तकनीक और शिक्षा से जोड़ने का काम कर रही है। साथ ही उन्होंने पिछली सरकारों पर प्रदेश के विकास को रोकने का आरोप लगाया।
सपा और भाजपा के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव
JPNIC का मुद्दा अब सिर्फ एक परियोजना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका है।
भाजपा जहां इसे पिछली सरकार की कथित अनियमितताओं से जोड़ रही है, वहीं समाजवादी पार्टी इसे भाजपा सरकार की संपत्ति नीति और निजीकरण से जोड़कर देख रही है।
आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में JPNIC को लेकर बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। दोनों प्रमुख दल इस मुद्दे को जनता के बीच अपने-अपने तरीके से उठाने की तैयारी में हैं।
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