उत्तर प्रदेश

बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर RTO पहुंची पुलिस छापेमारी से मचा हड़कंप

Ratna Netam
24 Aug 2026 8:05 PM IST
बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर RTO पहुंची पुलिस छापेमारी से मचा हड़कंप
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कानपुर। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कानपुर के आरटीओ कार्यालय में पुलिस ने अचानक छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया। करीब 70 पुलिसकर्मियों की टीम ने आरटीओ परिसर में पहुंचकर जांच अभियान चलाया, जिसमें दो बाबुओं और 11 कथित दलालों को हिरासत में लिया गया है। कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई आरटीओ कार्यालय में लंबे समय से चल रही कथित दलाली और भ्रष्ट गतिविधियों की शिकायतों के आधार पर की गई। मुख्यमंत्री की ओर से अधिकारियों को भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने यह कदम उठाया।
अचानक पहुंची पुलिस टीम से मचा हड़कंप
कानपुर आरटीओ कार्यालय में जब पुलिस टीम पहुंची तो वहां मौजूद कर्मचारियों और दलालों में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों ने पूरे परिसर को घेर लिया और एक-एक व्यक्ति की जांच शुरू की।
पुलिस टीम ने कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों, फाइलों और अन्य रिकॉर्ड की भी जांच की। इस दौरान कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
दलालों के नेटवर्क पर कार्रवाई
आरटीओ कार्यालयों में लाइसेंस, परमिट, फिटनेस, वाहन पंजीकरण और अन्य कामों के लिए दलालों की सक्रियता को लेकर अक्सर शिकायतें आती रही हैं। आरोप है कि कुछ लोग आम लोगों से काम कराने के नाम पर अवैध वसूली करते हैं।
कानपुर आरटीओ में हुई कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य इसी तरह के कथित दलाल नेटवर्क पर लगाम लगाना बताया जा रहा है। पुलिस ने मौके से 11 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
दो बाबुओं से भी पूछताछ
छापेमारी के दौरान आरटीओ कार्यालय के दो कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन कर्मचारियों की दलालों के साथ कोई मिलीभगत थी या नहीं।
अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि किसी सरकारी कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई
उत्तर प्रदेश सरकार लगातार सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार रोकने का दावा करती रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनता से जुड़े विभागों में किसी भी तरह की अवैध वसूली या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आरटीओ जैसे विभागों में आम लोगों का सीधा काम होता है, इसलिए सरकार की नजर इन कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर बनी हुई है। इसी क्रम में कानपुर की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दस्तावेजों और लेन-देन की जांच जारी
पुलिस टीम अब हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि पिछले कुछ समय में किन-किन लोगों से पैसे लिए गए और किस तरह के काम कराए गए।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह नेटवर्क कितना पुराना है और इसमें कितने लोग जुड़े हुए हैं। यदि जांच में बड़े स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो और लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
आम लोगों को राहत की उम्मीद
आरटीओ कार्यालयों में दलालों की समस्या लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण रही है। कई बार लोग अपने छोटे-छोटे कामों के लिए भी दलालों के माध्यम से जाने को मजबूर हो जाते हैं।
इस कार्रवाई के बाद लोगों को उम्मीद है कि सरकारी काम सीधे और पारदर्शी तरीके से हो सकेंगे। प्रशासन का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
आगे भी जारी रह सकती है कार्रवाई
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य विभागों में भी अचानक जांच अभियान चलाए जा सकते हैं। इसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में व्यवस्था सुधारना और जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
कानपुर आरटीओ में हुई यह छापेमारी मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार के खिलाफ नीति के तहत बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। फिलहाल हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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