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Thirot गांव में पुलिस का पहरा, ललिता केस के बाद बढ़ाई गई निगरानी

Meerut मेरठ : बीए की छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड के बाद बढ़े तनाव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मृतका के गांव थिरोट में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। गांव के सभी प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
प्रशासन का यह कदम बुधवार को मेरठ कलेक्ट्रेट और कमिश्नरी के बाहर हुए उग्र प्रदर्शन और महापंचायत के बाद उठाया गया। पुलिस को आशंका है कि कुछ बाहरी लोग या असामाजिक तत्व गांव के माहौल को बिगाड़ने और अफवाह फैलाने की कोशिश कर सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, थिरोट गांव में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है। गांव के प्रवेश मार्गों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी कीमत पर क्षेत्र की शांति व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि किसी राजनीतिक संगठन, बाहरी समूह या अन्य लोगों के अचानक पहुंचने से स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है। इसलिए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार गांव के हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
गन्ने के खेत से मिला था छात्रा का शव
बता दें कि रोहटा क्षेत्र से बीए की छात्रा ललिता गौतम के लापता होने के बाद उसका शव गन्ने के खेत से बरामद हुआ था। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अंकुश समेत साक्ष्य मिटाने के आरोप में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, मृतका के परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि हत्याकांड में कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनके खिलाफ अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रदर्शन के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
ललिता गौतम को न्याय दिलाने और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को मेरठ कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा था।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि कोई अन्य व्यक्ति घटना में शामिल है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता गांव में शांति बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





