उत्तर प्रदेश

13 वर्षीय किशोरी को पुलिस ने खोजा

Kavita2
19 Sept 2026 1:44 PM IST
13 वर्षीय किशोरी को पुलिस ने खोजा
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त्रिलोकपुर। थाना क्षेत्र के एक गांव से 13 वर्षीय नाबालिग को शादी का झांसा देकर ले जाने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने किशोरी को भी बरामद कर लिया है। घटना के बाद पीड़िता के पिता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ अपहरण से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। शनिवार को पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया।

मामला त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। नाबालिग की सुरक्षा और निजता को ध्यान में रखते हुए उसकी पहचान और गांव से जुड़ी ऐसी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए जिससे उसकी पहचान उजागर हो सके।

पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान रियाजुद्दीन अंसारी के रूप में हुई है। आरोप है कि वह 10 सितंबर को 13 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। अगले दिन यानी 11 सितंबर को किशोरी के पिता ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

पिता ने दर्ज कराई थी शिकायत

किशोरी के पिता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी 13 वर्षीय बेटी 10 सितंबर को घर से गायब हो गई थी। परिवार ने शुरुआत में अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।

इसके बाद परिवार को गांव के ही रियाजुद्दीन अंसारी पर संदेह हुआ। पिता ने पुलिस को बताया कि आरोपी उनकी नाबालिग बेटी को शादी का झांसा देकर घर से अपने साथ ले गया है।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। नाबालिग से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस ने उसकी तलाश के लिए टीम लगाई और आरोपी के संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की।

नाबालिग की तलाश में जुटी थी पुलिस

मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस का पहला उद्देश्य किशोरी को सुरक्षित तलाश करना था। इसके लिए आरोपी और किशोरी के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई गई।

पुलिस टीम ने स्थानीय स्तर पर पूछताछ करने के साथ आरोपी के बारे में सूचनाएं एकत्र कीं। जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर शनिवार को पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।

पुलिस ने रियाजुद्दीन अंसारी को हिरासत में लिया और नाबालिग को भी खोज निकाला। किशोरी के बरामद होने की सूचना उसके परिवार को दी गई।

मामले में आगे की कार्रवाई कानून और नाबालिगों से जुड़े मामलों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है।

आरोपी के खिलाफ दर्ज है अपहरण का मामला

पिता की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपहरण से संबंधित मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अब घटना के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि नाबालिग को कहां ले जाया गया था, वह इस दौरान कहां रही और आरोपी की सहायता किसी अन्य व्यक्ति ने की थी या नहीं।

पुलिस आरोपी से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। जांच में यदि किसी अन्य अपराध से संबंधित तथ्य या साक्ष्य सामने आते हैं तो लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार अतिरिक्त कार्रवाई की जा सकती है।

किशोरी का बयान होगा महत्वपूर्ण

बरामद नाबालिग का बयान मामले की जांच में महत्वपूर्ण होगा। बाल पीड़ित से जुड़े मामलों में बयान दर्ज करने और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के दौरान उसकी उम्र और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि किशोरी को घर से किस परिस्थिति में ले जाया गया और आरोपी ने उससे क्या कहा था।

नाबालिग होने के कारण मामले में उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती। समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को भी ऐसी कोई जानकारी साझा करने से बचना चाहिए जिससे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बच्ची की पहचान सामने आ सके।

शादी का झांसा देने का आरोप

किशोरी के पिता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी ने उनकी बेटी को शादी का झांसा दिया और इसी बहाने उसे अपने साथ ले गया।

यह फिलहाल शिकायत में लगाया गया आरोप है। घटना की वास्तविक परिस्थितियों को पुलिस जांच, नाबालिग के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट किया जाएगा।

आरोपी की गिरफ्तारी का अर्थ उसके दोषी साबित हो जाने से नहीं है। उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

मेडिकल और कानूनी प्रक्रिया भी संभव

नाबालिग की बरामदगी के बाद मामले की परिस्थितियों के अनुसार पुलिस उसकी चिकित्सकीय जांच और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रिया करा सकती है। बाल कल्याण से जुड़े मामलों में संबंधित प्राधिकरण की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है।

यदि जांच में यौन अपराध से संबंधित कोई तथ्य सामने आता है तो पॉक्सो अधिनियम सहित लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के आधार पर ऐसे किसी अपराध को तथ्य के रूप में लिखना उचित नहीं होगा, जब तक पुलिस की ओर से इसकी पुष्टि न की जाए।

परिजनों ने ली राहत की सांस

किशोरी के लापता होने के बाद से परिवार उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित था। शनिवार को पुलिस द्वारा उसे बरामद किए जाने के बाद परिजनों को राहत मिली।

पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के साथ घटना से जुड़े साक्ष्यों को एकत्र कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है।

मामले में पुलिस यह भी पता लगाएगी कि 10 सितंबर को घर से निकलने के बाद आरोपी और किशोरी किन-किन स्थानों पर गए थे।

बच्चों से जुड़े मामलों में पहचान गोपनीय रखना जरूरी

इस मामले में पीड़िता की उम्र केवल 13 वर्ष बताई गई है। इसलिए उसकी पहचान, तस्वीर, स्कूल, घर का सटीक पता या परिवार से जुड़ी ऐसी जानकारी प्रकाशित नहीं की जानी चाहिए जिससे उसकी पहचान उजागर हो।

बच्चों से जुड़े मामलों में रिपोर्टिंग करते समय उनकी गरिमा और निजता का संरक्षण महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया पर भी पीड़ित बच्चे की तस्वीर या पहचान साझा करने से बचना चाहिए।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी कहानी

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने और किशोरी को बरामद करने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ा दी है। अब नाबालिग के बयान, आरोपी से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जाएंगी।

फिलहाल आरोपी के खिलाफ पिता की शिकायत पर दर्ज मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया करेगी।

पुलिस की कार्रवाई से किशोरी सुरक्षित बरामद हो गई है, लेकिन मामले में लगाए गए सभी आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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