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सीतापुर-बाराबंकी में गैंगवार के बाद पुलिस सख्त, 11 आरोपी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश : सीतापुर और बाराबंकी जिलों में सक्रिय बताए जा रहे कुछ स्थानीय गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। फतेहपुर में एके-47 और बड्डूपुर क्षेत्र में टी-20 गैंग के साथ-साथ सीतापुर के महमूदाबाद में 4152 गैंग के नाम से संचालित गिरोहों की गतिविधियां सामने आने के बाद पुलिस सतर्क हो गई है।
पुलिस के अनुसार, सीतापुर और बाराबंकी के गिरोहों के बीच वर्चस्व को लेकर हुए विवाद में शामिल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। वहीं, गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
जानकारी के मुताबिक, सीतापुर जिले के महमूदाबाद क्षेत्र में कुछ युवकों द्वारा 4152 नाम से एक गिरोह चलाने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस समूह में बड़ी संख्या में किशोर और युवा जुड़े हुए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि गिरोह की गतिविधियां किस स्तर तक फैली हुई हैं और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
इसी तरह बाराबंकी जिले के फतेहपुर क्षेत्र में एके-47 नाम से युवकों के एक समूह के सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में युवाओं के बीच वर्चस्व बनाने को लेकर इन समूहों में टकराव की स्थिति बनी हुई थी।
बताया गया कि एक अगस्त को बड्डूपुर थाना क्षेत्र के भगौली रेगुलेटर के पास दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। इस दौरान दोनों गिरोहों के सदस्यों के बीच लाठी-डंडे चले, जिसमें कई युवक घायल हो गए थे। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े लोगों की पहचान कर कार्रवाई शुरू की। शुरुआती जांच में कई युवकों के गिरोह से जुड़े होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। गिरोहों से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन गिरोहों का गठन किस उद्देश्य से किया गया था और क्या इनके सदस्य किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में शामिल रहे हैं। इसके अलावा, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए युवाओं को जोड़ने की संभावनाओं की भी जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, युवाओं के समूह बनाकर क्षेत्र में दबदबा कायम करने की कोशिश चिंता का विषय है। लोगों ने पुलिस से मांग की है कि ऐसे गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी बड़ी घटना को रोका जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे स्तर पर बनने वाले ऐसे गिरोह कई बार आपसी विवाद, शक्ति प्रदर्शन और वर्चस्व की लड़ाई के कारण हिंसक घटनाओं को जन्म दे सकते हैं। इसलिए समय रहते इन पर नियंत्रण करना जरूरी होता है।
पुलिस ने युवाओं और अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को अपराध की ओर जाने से रोकने के लिए जागरूकता और निगरानी दोनों जरूरी हैं।
फिलहाल सीतापुर और बाराबंकी पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के नेटवर्क और अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद इलाके में सक्रिय बताए जा रहे इन गिरोहों पर दबाव बढ़ गया है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





