उत्तर प्रदेश

जेवर एयरपोर्ट का पीएम मोदी ने किया शिलान्यास, जानें एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट के बारे में सबकुछ

Admin1
25 Nov 2021 9:06 AM GMT
जेवर एयरपोर्ट का पीएम मोदी ने किया शिलान्यास, जानें एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट के बारे में सबकुछ
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नोएडा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर में 'नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे' का शिलान्यास कियाउत्तर प्रदेश अगले तीन सालों के अंदर देश के सबसे प्रमुख विमानन केंद्र के तौर पर स्थापित हो जाएगा उस समय तक जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत का आधुनिकतम ग्रीनफील्ड (नया बनने वाला) एयरपोर्ट होगा इसके अलावा राज्य में उस समय तक 16 अन्य एयरपोर्ट परिचालन में होंगे

- इस एयरपोर्ट के तैयार हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य हो जाएगा जहां 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट होंगे। यह देश का पहला नेट जीरो एमिसन्स एयरपोर्ट होगा। राज्य में 2012 तक केवल दो इंटरनेशनल एयरपोर्ट थे, जब लखनऊ के बाद वाराणसी को यह गौरव प्राप्त हुआ था।


- 20 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उद्घाटन के बाद कुशीनगर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू हुआ, जबकि अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम प्रगति पर है जहां हवाई सेवाएं अगले साल की शुरुआत में शुरू होने की उम्मीद है।
- इस परियोजना का पहला चरण वर्ष 2024 तक 10,050 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत से पूरा किया जाना है। 1300 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर फैली यह परियोजना प्रति वर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों को अपनी सेवा देगी। पहले चरण के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का काम पूरा कर लिया गया है।


- एयरपोर्ट के पहले चरण में करीब 8,914 करोड़ रुपये का निवेश होगा और यहां से सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों की आवाजाही होने लगेगी। करीब 1,330 एकड़ भूभाग में फैले इस एयरपोर्ट से सितंबर, 2024 तक परिचालन शुरू होने की उम्मीद है। शुरुआत में जेवर एयरपोर्ट पर दो हवाईपट्टियां चालू होंगी। इस हवाईअड्डे के विकास का ठेका ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल को दिया गया है।
- नागर विमानन मंत्रालय में सचिव राजीव बंसल ने बुधवार को बताया कि एयरपोर्ट के विकास के पहले चरण पर कुल 8,914 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है जिसमें से 4,588 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय होगा। वहीं 4,326 करोड़ रुपये की राशि भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास पर खर्च होगी।
- पहला चरण पूरा होने के बाद यह एयरपोर्ट सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों का परिचालन करने की स्थिति में होगा। विकास के सभी चारों चरण पूरा होने के बाद यह क्षमता बढ़कर सात करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी।
- इस एयरपोर्ट के विकास पर कुल 29,560 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। अभी इसमें उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास के मद में खर्च की जाने वाली राशि शामिल नहीं है।


- इसका विकास यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) करेगी जिसमें ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन के लिए गठित कंपनी एनआईएएल की वाईआईएपीएल में एक प्रतिशत स्वर्णिम हिस्सेदारी होगी।
- एनआईएएल में उत्तर प्रदेश सरकार और नोएडा प्राधिकरण की 37.5-37.5 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। वहीं ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण का इस कंपनी में 12.5-12.5 प्रतिशत हिस्सा होगा।
- जेवर एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का दूसरा इंटरनेशनल होगा। इसके तैयार हो जाने के बाद दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल से बोझ कम हो सकेगा। इसके अलावा जेवर हवाईअड्डे के शुरू होने पर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, आगरा, फरीदाबाद और आसपास के अन्य जिलों के निवासियों को भी फायदा होगा।


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