उत्तर प्रदेश

राम मंदिर फंड मामले में SIT जांच की अपील, योगी ने बयानबाज़ी से बचने को कहा

Kavita2
19 Jun 2026 2:49 PM IST
राम मंदिर फंड मामले में SIT जांच की अपील, योगी ने बयानबाज़ी से बचने को कहा
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए मिले फंड में कथित हेराफेरी के आरोपों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने शुक्रवार को स्पष्ट बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले की सच्चाई विशेष जांच टीम (SIT) की जांच से सामने आएगी और सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि राम मंदिर जैसे पवित्र और ऐतिहासिक प्रोजेक्ट से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अफवाह या बिना प्रमाण के आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित लोगों से अपील की कि वे बेबुनियाद बयानबाज़ी न करें और जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ने दें।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से संबंधित कोई ठोस सबूत है, तो उसे सीधे जांच के लिए गठित SIT के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पूरे मामले की जांच पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से हो।

मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए यह भी स्पष्ट किया कि जांच में यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका पद या प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी को भी नियमों से ऊपर नहीं माना जा सकता।

यह बयान ऐसे समय आया है जब राम मंदिर निर्माण से जुड़े फंड प्रबंधन को लेकर कुछ आरोप और सवाल सार्वजनिक रूप से उठाए जा रहे हैं। इस पर सरकार ने SIT जांच का गठन कर पूरे मामले की गहराई से जांच कराने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अयोध्या में चल रहा राम मंदिर निर्माण देश की आस्था और विश्वास से जुड़ा विषय है, इसलिए इसमें पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और हर पहलू को गंभीरता से देखा जाए।

सरकार का कहना है कि SIT जांच का उद्देश्य केवल सच्चाई को सामने लाना है, ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी या भ्रम को दूर किया जा सके। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसे मामलों में पूरी पारदर्शिता बनी रहे।

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। हालांकि सरकार का दावा है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और किसी भी दबाव में नहीं होगी।

फिलहाल पूरे मामले की जांच SIT के स्तर पर जारी है और सभी संबंधित दस्तावेजों तथा आरोपों की समीक्षा की जा रही है।

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