उत्तर प्रदेश

Pilibhit: मां की गैर मौजूदगी में मानसिक विक्षिप्त युवती से दुष्कर्म

Admindelhi1
20 Jan 2026 2:14 PM IST
Pilibhit: मां की गैर मौजूदगी में मानसिक विक्षिप्त युवती से दुष्कर्म
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पीलीभीत: मानसिक विक्षिप्त युवती से दुष्कर्म का मामला समाज की संवेदनहीनता और रिश्तों की टूटती मर्यादाओं को उजागर करता है। जिस रिश्तेदार के घर को मां ने सुरक्षा का भरोसा मानकर अपनी असहाय पुत्री को छोड़ा था, वहीं उसकी इज्जत से खिलवाड़ किए जाने का आरोप लगा है। मानवता को शर्मसार कर देने वाला यह मामला पूरनपुर नगर क्षेत्र से सामने आया है। रिश्तेदार के घर को सुरक्षित समझकर छोड़ी गई मानसिक विक्षिप्त युवती से मां की गैरमौजूदगी में दुष्कर्म किए जाने का आरोप है।

घटना के समय आरोपी की पत्नी ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। विरोध करने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी देकर उसे चुप करा दिया। जानकारी के अनुसार नगर के एक मोहल्ले की महिला ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 16 सितंबर 2025 को वह अपने भाई की दवा लेने पीलीभीत गई थी। इस दौरान उसने अपनी मानसिक विक्षिप्त पुत्री को रिश्तेदार के घर छोड़ दिया था। पुत्री मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण अपने निजी कार्य स्वयं नहीं कर पाती है। आरोप है कि रात के समय आरोपी रिश्तेदार ने युवती को निर्वस्त्र कर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इसी दौरान घर में आहट होने पर आरोपी की पत्नी और बच्चों की नींद खुल गई। पत्नी ने कमरे में पहुंचकर देखा तो युवती निर्वस्त्र अवस्था में थी।

पत्नी ने किसी तरह युवती को कपड़े पहनाए। इस पर नाराजगी जताने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी।बताया गया कि 15 जनवरी को आरोपी की पत्नी ने पति की करतूत का खुलासा करते हुए पूरी घटना की जानकारी युवती की मां को दी। इसके बाद पीड़िता की मां ने आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर दी है।इस संबंध में इंस्पेक्टर पवन कुमार पांडेय ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। पीड़ित पक्ष की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त होने पर जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब रिश्तों और घर की चारदीवारी के भीतर भी असहाय सुरक्षित नहीं हैं, तो समाज किस दिशा में बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता और कड़े कानूनी प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन समय की मांग है।

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