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‘दहेज दो, फिर आऊंगा’, कन्नौज में पति ने पत्नी को मायके छोड़ा

कन्नौज। उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सरकारी योजना के तहत हुई शादी के महज चार दिन बाद ही दूल्हे ने अपनी नई नवेली पत्नी को मायके छोड़ दिया। आरोप है कि दूल्हे ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने तक पत्नी को वापस ले जाने से इनकार कर दिया। पीड़िता ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर आरोपी पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामला कन्नौज सदर कोतवाली क्षेत्र के पंचम पुरवा गांव का है। यहां रहने वाली शीतला देवी की शादी ठठिया थाना क्षेत्र के मुचुआपुर उमरन निवासी देवेंद्र के साथ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुई थी। शादी का आयोजन सरकारी स्तर पर किया गया था, जिसमें दोनों परिवारों की सहमति और अधिकारियों की मौजूदगी में सभी रस्में पूरी हुई थीं।
गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली शीतला देवी और उसके परिजनों को उम्मीद थी कि बेटी का जीवन अब खुशहाल होगा और वह अपने नए घर में सुखी रहेगी। लेकिन शादी के कुछ ही दिनों बाद हालात पूरी तरह बदल गए। आरोप है कि शादी के चौथे दिन ही पति देवेंद्र अपनी पत्नी को मायके छोड़कर चला गया।
पीड़िता के अनुसार, पति ने जाते समय कहा कि वह बाद में दोबारा बारात लेकर आएगा और पत्नी को अपने साथ ले जाएगा। लेकिन इसके साथ ही उसने एक शर्त भी रख दी। आरोप है कि देवेंद्र ने कहा कि जब तक उसके परिवार की ओर से एक लाख रुपये नकद और मोटरसाइकिल नहीं दी जाएगी, तब तक वह शीतला देवी को अपने घर नहीं ले जाएगा।
पीड़िता का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी करने के लिए उसके परिवार पर दबाव बनाया गया। देवेंद्र ने साफ तौर पर कहा कि बिना नकद रुपये और बाइक के वह पत्नी की विदाई नहीं कराएगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम और वाहन की व्यवस्था करना संभव नहीं था। परिवार ने आरोपी को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ा रहा।
शादी के बाद इस तरह मायके छोड़ दिए जाने और दहेज की मांग से परेशान शीतला देवी ने पहले पुलिस से शिकायत की। पीड़िता का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर उसे तत्काल राहत नहीं मिली। इसके बाद उसने न्याय पाने के लिए अदालत का सहारा लिया और अपनी पूरी आपबीती कोर्ट के सामने रखी।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने आरोपी देवेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अब आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान पीड़िता और आरोपी पक्ष के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके अलावा शादी से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की भी जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में आर्थिक सहायता देना है। इस योजना के तहत सरकार की ओर से विवाह आयोजन किए जाते हैं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिल सके। लेकिन कन्नौज की इस घटना ने योजना के तहत होने वाली शादियों में भी दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों के बने रहने पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पीड़िता और उसके परिवार को उम्मीद है कि आरोपी के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी और उसे न्याय मिलेगा। वहीं, इस मामले के सामने आने के बाद इलाके में भी चर्चा तेज हो गई है।





