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उत्तर प्रदेश
सीएम योगी पर FIR कराने वाले परवेज परवाज की जेल में मौत
Rajeshwari Nishad
11 Oct 2026 2:38 PM IST

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गोरखपुर : गोरखपुर में सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे परवेज परवाज की मौत हो गई। 72 वर्षीय परवेज गोरखपुर जिला कारागार में बंद था। शनिवार देर रात जेल की अस्पताल बैरक में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। गंभीर हालत को देखते हुए जेल के चिकित्सक ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान रात 2:50 बजे उसने अंतिम सांस ली। परवेज वर्ष 2007 में तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के बाद चर्चा में आया था।
परवेज परवाज गोरखपुर के राजघाट क्षेत्र स्थित तुर्कमानपुर का रहने वाला था। वह 26 सितंबर 2018 से जिला कारागार में बंद था। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने 28 जुलाई 2020 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह इसी सजा के तहत जेल में रह रहा था। कारागार की अस्पताल बैरक में उसकी हालत बिगड़ने के बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, लेकिन वहां उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घटनाक्रम के अनुसार, परवेज की तबीयत अचानक खराब होने पर जेल के चिकित्सक ने उसकी स्थिति देखी। हालत गंभीर होने के कारण जिला अस्पताल में इलाज कराने का निर्णय लिया गया। रेफर किए जाने के बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया और उपचार शुरू हुआ। हालांकि, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उपलब्ध विवरण के अनुसार, उसकी मृत्यु जिला अस्पताल में हुई। जेल में तबीयत बिगड़ने से लेकर अस्पताल में उपचार तक का घटनाक्रम सामने आया है।
परवेज की मौत के साथ उसके पुराने कानूनी मामलों की पृष्ठभूमि भी सामने आई है। उसका नाम अलग-अलग समय पर कई मामलों में चर्चा में रहा था। इनमें वर्ष 2007 में गोरखपुर में हुए दंगे के बाद तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ के खिलाफ दर्ज कराया गया मुकदमा प्रमुख था। उस समय इस प्रकरण को लेकर विवाद हुआ था और परवेज का नाम लंबे समय तक चर्चाओं में बना रहा।
वर्ष 2007 में योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सांसद थे। दंगे के बाद परवेज ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसी घटनाक्रम से उसे व्यापक पहचान मिली थी। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, उस मामले की जांच में लगाए गए आरोप फर्जी पाए गए थे। हालांकि, उस पुराने प्रकरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले को अलग-अलग समझना जरूरी है। परवेज जिस मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था, वह सामूहिक दुष्कर्म से संबंधित था।
परवेज के कानूनी घटनाक्रम में सितंबर 2018 और जुलाई 2020 की तारीखें अहम हैं। वह 26 सितंबर 2018 को गोरखपुर जिला कारागार में बंद हुआ था। इसके बाद 28 जुलाई 2020 को अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। इस तरह जेल में बंद होने और अदालत से सजा मिलने की तारीखें अलग थीं। सजा सुनाए जाने के बाद वह कारागार में आजीवन कारावास भुगत रहा था और इसी दौरान उसकी मौत हुई।
सामूहिक दुष्कर्म के मामले के अलावा परवेज का नाम पायरेटेड सीडी प्रसारित करने से जुड़े प्रकरण में भी सामने आया था। अलग-अलग मामलों में कानूनी कार्रवाई के कारण वह समय-समय पर सुर्खियों में रहा। उपलब्ध जानकारी में सीडी से जुड़े मामले का उल्लेख है, लेकिन उसकी विस्तृत परिस्थितियां नहीं बताई गई हैं। इसलिए उस प्रकरण को लेकर अतिरिक्त निष्कर्ष निकालने के बजाय उसके दर्ज उल्लेख तक ही सीमित रहना आवश्यक है।
परवेज के बारे में सामने आई जानकारी में उसका निवास, जेल में बंद होने की तारीख और उम्रकैद की सजा का विवरण स्पष्ट है। राजघाट क्षेत्र के तुर्कमानपुर से संबंध रखने वाला परवेज लंबे समय से जिला कारागार में था। उसकी मौत से पहले स्वास्थ्य बिगड़ने की घटना जेल की अस्पताल बैरक में हुई। इसके बाद चिकित्सक ने गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल भेजा। उपचार के दौरान रात 2:50 बजे उसकी मृत्यु हुई।
मौत के घटनाक्रम में जिला अस्पताल रेफर किया जाना महत्वपूर्ण चरण था। जेल के चिकित्सक ने उसकी स्थिति देखते हुए अस्पताल भेजने का फैसला किया था। हालांकि, उपलब्ध विवरण में उसकी तबीयत बिगड़ने के विशिष्ट लक्षणों या मृत्यु के निश्चित चिकित्सकीय कारण का उल्लेख नहीं है। इसलिए किसी खास बीमारी, स्वास्थ्य समस्या या अन्य परिस्थिति को उसकी मौत की वजह नहीं बताया जा सकता। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि हालत बिगड़ने के बाद उपचार के लिए भेजे गए परवेज की अस्पताल में मृत्यु हुई।
इस मामले में उसकी आपराधिक सजा और पुराने विवादों की जानकारी अलग-अलग घटनाओं से जुड़ी है। वर्ष 2007 का मुकदमा उसे चर्चाओं में लाया था, जबकि सामूहिक दुष्कर्म के मामले में वर्ष 2020 में सुनाई गई सजा के तहत वह जेल में था। शनिवार देर रात तबीयत बिगड़ने के बाद जिला अस्पताल में उसका उपचार हुआ। 72 वर्षीय परवेज परवाज ने वहीं अंतिम सांस ली। उसकी मौत की खबर के साथ गोरखपुर में उससे जुड़े इन पुराने कानूनी घटनाक्रमों का उल्लेख भी सामने आया है।
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