उत्तर प्रदेश

पेपर लीक आंदोलन: प्रदर्शनकारी छात्रों को राहत के संकेत, प्रयागराज में डिप्टी सीएम का बड़ा बयान

nidhi
27 July 2026 6:54 AM IST
पेपर लीक आंदोलन: प्रदर्शनकारी छात्रों को राहत के संकेत, प्रयागराज में डिप्टी सीएम का बड़ा बयान
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पेपर लीक आंदोलन

Uttar Pradesh: प्रयागराज में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पेपर लीक मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन में शामिल छात्रों की यदि कोई छोटी-मोटी गलती हुई है तो सरकार उसे माफ करने पर विचार करेगी। उन्होंने छात्रों के हितों को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सरकार उनके भविष्य को लेकर संवेदनशील है।

प्रयागराज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
डिप्टी सीएम ने कहा कि आंदोलन के दौरान छात्रों की भावनाओं को समझा जाएगा और उन्हें अपराधी की तरह नहीं देखा जाएगा। सरकार छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेगी।
पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई का भरोसा
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। ऐसी घटनाओं में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि भविष्य में होने वाली परीक्षाएं निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से आयोजित हों, ताकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को उनका हक मिल सके।
आंदोलन कर रहे छात्रों से संवाद की अपील
डिप्टी सीएम ने छात्रों से अपील की कि वे अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से रखें। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी समस्याओं को सुनने के लिए तैयार है और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को किसी भी ऐसी गतिविधि से बचना चाहिए जिससे उनके भविष्य पर नकारात्मक असर पड़े।
प्रयागराज में छात्रों का प्रदर्शन रहा चर्चा में
प्रयागराज लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों का प्रमुख केंद्र रहा है। पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर यहां समय-समय पर छात्र प्रदर्शन करते रहे हैं।
केशव प्रसाद मौर्य के इस बयान को आंदोलन कर रहे छात्रों को राहत देने वाले संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से आगे की प्रक्रिया और नियमों को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
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