- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- बिजनौर में सांपों से...

x
बिजनौर : उत्तर प्रदेश के बिजनौर में शनिवार को दो अलग-अलग स्थानों पर सांप दिखाई देने से लोगों में दहशत फैल गई। शहर की महादेवपुरम कॉलोनी स्थित एक मंदिर में जहरीला रसेल वाइपर मिला, जबकि उलेढ़ा गांव में किसान के खेत से करीब 14 फीट लंबा अजगर निकला। दोनों घटनाओं की सूचना वन विभाग को दी गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर सांपों को सुरक्षित पकड़ा और आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया। भारी-भरकम अजगर को काबू करने में वनकर्मियों को करीब चार घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी।
पहली घटना बिजनौर शहर की महादेवपुरम कॉलोनी की है। यहां एक मंदिर में शनिवार को रसेल वाइपर दिखाई दिया। मंदिर परिसर में सांप मौजूद होने की जानकारी आसपास के लोगों तक पहुंची तो वे घबरा गए। जहरीली प्रजाति का सांप होने के कारण लोगों में चिंता बढ़ गई। इसके बाद वन विभाग को सूचना देकर उसे सुरक्षित पकड़ने के लिए सहायता मांगी गई। सूचना मिलने पर विभाग की टीम मंदिर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया।
मंदिर में पहुंचे वनकर्मियों ने सावधानी बरतते हुए सांप को पकड़ने का अभियान चलाया। रसेल वाइपर को काबू करने में टीम को मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन आखिरकार उसे सुरक्षित पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई के बाद मंदिर परिसर से सांप को हटा दिया गया। वन विभाग ने उसे आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया। इस तरह मंदिर में सांप दिखाई देने से शुरू हुआ घटनाक्रम उसके सुरक्षित रेस्क्यू और प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़े जाने तक चला।
क्षेत्रीय वन अधिकारी महेश गौतम ने बताया कि मंदिर में मिला सांप काफी बड़ा था। उन्होंने रसेल वाइपर को बेहद जहरीली प्रजाति का सांप बताया और लोगों को उससे दूरी बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। मंदिर में सांप दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी थी। इसके बाद उसे पकड़ने की जिम्मेदारी मौके पर पहुंची टीम ने संभाली। अधिकारी की जानकारी के अनुसार, सांप के आकार और जहरीली प्रजाति को देखते हुए सावधानी जरूरी थी।
दूसरी घटना उलेढ़ा गांव में हुई, जहां एक किसान के खेत में विशाल अजगर दिखाई दिया। उसकी लंबाई करीब 14 फीट बताई गई। खेत में इतने बड़े अजगर को देखकर किसान और आसपास मौजूद लोग घबरा गए। अजगर का भारी-भरकम आकार लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया। यहां भी वन विभाग को सूचना दी गई। विभाग की टीम खेत में पहुंची और अजगर को सुरक्षित पकड़ने का प्रयास शुरू किया।
उलेढ़ा में अजगर का रेस्क्यू आसान नहीं रहा। उसके आकार और वजन के कारण वनकर्मियों को लंबे समय तक मेहनत करनी पड़ी। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद टीम उसे काबू कर सकी। रेस्क्यू पूरा होने के बाद अजगर को सुरक्षित पकड़ा गया और आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। खेत में मौजूद लोगों के लिए उसका विशाल आकार डर का कारण था, जबकि टीम के सामने उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने की चुनौती थी।
दोनों घटनाएं शनिवार को सामने आईं, लेकिन उनके स्थान और परिस्थितियां अलग थीं। महादेवपुरम कॉलोनी में सांप मंदिर परिसर में मिला, जबकि उलेढ़ा गांव में अजगर किसान के खेत में दिखाई दिया। मंदिर की घटना में रसेल वाइपर की जहरीली प्रजाति को लेकर चिंता थी। खेत की घटना में 14 फीट लंबे अजगर का आकार देखकर लोग घबरा गए। दोनों जगह स्थानीय लोगों की सूचना के बाद वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान चलाया।
रेस्क्यू की अवधि के बारे में उपलब्ध जानकारी में करीब चार घंटे का समय अजगर को पकड़ने से जुड़ा है। मंदिर में रसेल वाइपर को पकड़ने में भी टीम को मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन उस अभियान की निश्चित अवधि नहीं बताई गई है। इसलिए दोनों कार्रवाइयों को एक ही समयावधि का अभियान नहीं माना जा सकता। वनकर्मियों ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर दोनों सांपों को पकड़ा और सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा।
इन घटनाओं में स्थानीय लोगों ने सांप दिखाई देने के बाद संबंधित विभाग तक सूचना पहुंचाई। महादेवपुरम के मंदिर में जहरीला सांप मौजूद होने की खबर के बाद वन विभाग की मदद ली गई। उलेढ़ा के खेत में विशाल अजगर मिलने पर भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। इसके बाद प्रशिक्षित टीमों ने मौके पर रेस्क्यू किया। उपलब्ध विवरण में दोनों सांपों को सुरक्षित पकड़ने और आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ने की जानकारी दी गई है।
क्षेत्रीय वन अधिकारी महेश गौतम की टिप्पणी मंदिर में मिले रसेल वाइपर से संबंधित है। उन्होंने उसके बड़े आकार का उल्लेख करते हुए लोगों को दूरी बनाए रखने की बात कही। वहीं, उलेढ़ा गांव में अजगर को काबू करने के लिए वनकर्मियों को करीब चार घंटे काम करना पड़ा। बिजनौर में एक ही दिन सामने आई इन दोनों घटनाओं का अंत वन विभाग के सफल रेस्क्यू के साथ हुआ। मंदिर से रसेल वाइपर और खेत से अजगर को सुरक्षित हटाकर आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
Next Story





