उत्तर प्रदेश

ग्रेटर नोएडा के मॉल में हड़कंप, 15 लोगों का रेस्क्यू

nidhi
6 Nov 2026 7:26 AM IST
ग्रेटर नोएडा के मॉल में हड़कंप, 15 लोगों का रेस्क्यू
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ग्रेटर नोएडा में बड़ा हादसा टला

ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित गैलेक्सी ब्लू सैफायर मॉल में गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को अचानक धुआं फैलने से अफरातफरी मच गई। मॉल के एक सिनेमाघर के प्रोजेक्टर रूम में शॉर्ट सर्किट होने से बिजली की वायरिंग गर्म हो गई और धुआं निकलने लगा। घटना के समय ऑडिटोरियम में कई लोग मौजूद थे। अचानक धुआं दिखाई देने से वहां मौजूद दर्शक घबरा गए। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा लगभग 10 से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

जानकारी के अनुसार, घटना बिसरख थाना क्षेत्र में स्थित गैलेक्सी ब्लू सैफायर मॉल के ऑडिटोरियम नंबर 10 की है। यहां प्रोजेक्टर रूम में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बिजली की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट होने के कारण धुआं निकलने लगा। कुछ ही समय में धुआं ऑडिटोरियम तक पहुंच गया, जिससे दर्शकों में घबराहट की स्थिति पैदा हो गई। घटना का पता चलते ही मॉल के सुरक्षा कर्मचारियों ने लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। पुलिस और दमकलकर्मियों ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। राहत और बचाव अभियान के दौरान सबसे पहले ऑडिटोरियम में मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। पुलिस के अनुसार, घटना में लगभग 10 से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है। समय रहते स्थिति संभाल लिए जाने से संभावित बड़ा हादसा टल गया।
बताया जा रहा है कि घटना के समय सिनेमाघर में फिल्म का प्रदर्शन चल रहा था। इसी दौरान प्रोजेक्टर रूम में शॉर्ट सर्किट की समस्या सामने आई। अचानक धुआं निकलने से दर्शकों को परेशानी हुई। हालांकि, सुरक्षा कर्मचारियों की सक्रियता और समय पर निकासी के कारण सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर बड़े शॉपिंग मॉल और सिनेमाघरों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी, मनोरंजन और अन्य गतिविधियों के लिए मॉल पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी तकनीकी खराबी से बड़ी संख्या में लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। सिनेमाघरों में प्रोजेक्टर, एयर कंडीशनिंग सिस्टम, साउंड उपकरण और बिजली से संचालित कई मशीनें लंबे समय तक लगातार काम करती हैं। यदि इन उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव नहीं किया जाए तो तकनीकी खराबी तथा शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
बंद ऑडिटोरियम में धुआं फैलना विशेष रूप से चिंताजनक स्थिति हो सकती है। अधिक धुआं होने पर लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है और बाहर निकलने का रास्ता पहचानने में कठिनाई आ सकती है। इसलिए सिनेमाघरों में पर्याप्त आपातकालीन निकासी मार्ग, फायर अलार्म और अग्निशमन उपकरणों का सही स्थिति में होना आवश्यक है। इसके अलावा मॉल प्रबंधन को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सुरक्षा कर्मचारी किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित हों। नियमित मॉक ड्रिल और अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच से ऐसी घटनाओं के दौरान नुकसान की आशंका कम की जा सकती है। ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से विकसित हो रहे व्यावसायिक परिसरों के कारण अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। बड़ी इमारतों में एक साथ सैकड़ों लोगों की मौजूदगी के कारण किसी दुर्घटना की स्थिति में तत्काल निकासी की व्यवस्था जरूरी होती है।
इस घटना के बाद यह सवाल भी उठता है कि क्या संबंधित मॉल में विद्युत उपकरणों की नियमित जांच की जा रही थी और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप थीं। हालांकि, इन पहलुओं पर किसी प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। फिलहाल पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार, प्रोजेक्टर रूम में शॉर्ट सर्किट के कारण वायरिंग गर्म होने और धुआं निकलने की बात सामने आई है। पूरे मॉल में भीषण आग लगने या व्यापक नुकसान होने की पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के दौरान मौजूद सभी प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने से बड़ी राहत मिली है। इस मामले ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर मामूली तकनीकी खराबी भी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। अब जरूरी है कि संबंधित परिसर में विद्युत उपकरणों और अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की समुचित समीक्षा की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। समय रहते बचाव कार्य शुरू होने के कारण इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।
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