- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- झमाझम बारिश और तेज हवा...

बदायूं। जिले में शुक्रवार रात से लगातार झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश के साथ तेज हवा चलने से खेतों में खड़ी धान और बाजरा की फसल को नुकसान पहुंचा है। सबसे ज्यादा असर धान की फसल पर पड़ा है। कई क्षेत्रों में तेज हवा और बारिश के कारण धान की फसल खेतों में गिर गई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
शुक्रवार रात से मौसम में बदलाव के बाद बारिश शुरू हुई। इसके बाद कई क्षेत्रों में रुक-रुककर तेज बारिश होती रही। बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी। खेतों में तैयार हो रही फसल हवा का दबाव नहीं झेल सकी और कई स्थानों पर जमीन पर गिर गई।
धान की फसल के लिए यह समय महत्वपूर्ण है। ऐसे में लगातार बारिश और तेज हवा से फसल गिरने के कारण किसानों को नुकसान होने की आशंका है। जिन खेतों में धान की फसल जमीन पर गिर गई है, वहां लंबे समय तक पानी जमा रहने पर परेशानी और बढ़ सकती है।
धान की फसल पर सबसे ज्यादा असर
बारिश और तेज हवा का सबसे अधिक असर धान की फसल पर देखने को मिला है। कई क्षेत्रों में खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई है। बारिश के दौरान हवा की रफ्तार बढ़ने के कारण पौधे झुककर जमीन पर आ गए।
किसानों के लिए खड़ी फसल का इस तरह गिरना चिंता का कारण बन गया है। खेतों में फसल गिरने से आगे कृषि कार्य में भी परेशानी हो सकती है। लगातार बारिश जारी रहने की स्थिति में खेतों में पानी जमा होने की समस्या भी सामने आ सकती है।
किसानों की नजर अब मौसम पर टिकी हुई है। यदि बारिश जल्द रुकती है तो खेतों की स्थिति में सुधार हो सकता है, लेकिन लगातार बारिश होने पर नुकसान बढ़ने की आशंका बनी रहेगी।
बाजरा की फसल भी प्रभावित
धान के साथ बाजरा की फसल पर भी बारिश और तेज हवा का असर पड़ा है। कई खेतों में बाजरा की फसल भी हवा के कारण झुक गई है। बारिश का सिलसिला जारी रहने के कारण किसान खेतों में जाकर फसल की स्थिति का ठीक से आकलन भी नहीं कर पा रहे हैं।
तेज हवा के साथ होने वाली बारिश खड़ी फसलों के लिए परेशानी का कारण बनी है। जहां फसल कमजोर स्थिति में थी, वहां इसका असर अधिक दिखाई दे रहा है।
किसानों को उम्मीद थी कि अच्छी फसल मिलने से उनकी मेहनत का बेहतर परिणाम मिलेगा, लेकिन मौसम में अचानक हुए बदलाव ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
खेतों में गिरी फसल
जिले के कई क्षेत्रों में बारिश के बाद खेतों में धान की फसल गिरी हुई दिखाई दे रही है। तेज हवा के कारण पौधे एक-दूसरे के ऊपर गिर गए हैं। इससे खेतों में खड़ी फसल की स्थिति प्रभावित हुई है।
लगातार पानी बरसने से खेतों में नमी भी बढ़ गई है। यदि बारिश का दौर लंबा चलता है तो जमीन पर गिरी फसल को ज्यादा नुकसान होने की आशंका रहेगी। इसी कारण किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।
फिलहाल बारिश जारी होने के कारण नुकसान का पूरा आकलन करना मुश्किल है। बारिश थमने और खेतों में स्थिति सामान्य होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि धान और बाजरा की फसल को कितना नुकसान हुआ है।
शुक्रवार रात से जारी है बारिश
शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश शनिवार को भी जारी रही। कई इलाकों में तेज बारिश हुई तो कुछ स्थानों पर रुक-रुककर पानी गिरता रहा। बारिश के साथ हवा चलने से मौसम में भी बदलाव आया है।
किसानों के लिए परेशानी की मुख्य वजह बारिश के साथ चल रही तेज हवा है। खेतों में खड़ी फसल हवा के दबाव में गिर रही है। धान की फसल में इसका असर ज्यादा दिखाई दे रहा है।
बारिश के दौरान खेतों में जाकर फसल को संभालना भी आसान नहीं है। ऐसे में किसान मौसम के सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
किसानों की बढ़ी चिंता
खेतों में धान और बाजरा की फसल गिरने के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई किसान अपनी फसल की स्थिति को लेकर परेशान हैं। बारिश का दौर कब तक जारी रहेगा, इस पर भी उनकी नजर बनी हुई है।
खेतों में गिरी धान की फसल किसानों के लिए बड़ी चिंता बन गई है। यदि खेत में पानी अधिक समय तक जमा रहता है तो जमीन पर पड़ी फसल प्रभावित हो सकती है।
किसानों ने महीनों की मेहनत के बाद फसल तैयार की है। ऐसे समय में मौसम में बदलाव और तेज हवा के कारण फसल गिरने से उनकी परेशानी बढ़ गई है।
बारिश रुकने के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति
फिलहाल जिले में बारिश का सिलसिला जारी होने के कारण फसलों को हुए नुकसान की पूरी स्थिति सामने नहीं आ सकी है। खेतों में पानी और लगातार बारिश के कारण किसान भी नुकसान का सही आकलन नहीं कर पा रहे हैं।
बारिश रुकने के बाद किसान खेतों में पहुंचकर फसल की स्थिति देख सकेंगे। इसके बाद ही पता चलेगा कि कितने क्षेत्र में धान और बाजरा की फसल प्रभावित हुई है।
सबसे ज्यादा चिंता उन खेतों को लेकर है, जहां धान की फसल पूरी तरह जमीन पर गिर गई है। तेज हवा के कारण कई जगह फसल एक तरफ झुक गई है, जबकि कुछ खेतों में पौधे पूरी तरह जमीन पर आ गए हैं।
फिलहाल किसानों को मौसम साफ होने का इंतजार है। शुक्रवार रात से जारी झमाझम बारिश और तेज हवा ने जिले में धान और बाजरा की फसल को प्रभावित किया है। सबसे अधिक नुकसान धान की फसल में दिखाई दे रहा है। बारिश का दौर आगे भी जारी रहता है तो किसानों की परेशानी और बढ़ सकती है। वास्तविक नुकसान का पता मौसम साफ होने और खेतों की स्थिति का आकलन होने के बाद ही चल सकेगा।





