उत्तर प्रदेश

जौनपुर में आवारा कुत्तों के झुंड ने 8 वर्षीय बच्चे पर किया हमला हालत गंभीर

Kavita2
20 Aug 2026 12:04 PM IST
जौनपुर में आवारा कुत्तों के झुंड ने 8 वर्षीय बच्चे पर किया हमला हालत गंभीर
x

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में आवारा कुत्तों के झुंड ने एक आठ वर्षीय बच्चे पर हमला कर दिया। खेतासराय क्षेत्र के शाहापुर गांव में हुई इस घटना में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। कुत्तों के हमले में बच्चे के शरीर पर कई जगह गहरे घाव हो गए, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।

जानकारी के अनुसार, शाहापुर गांव निवासी वीर बहादुर बिंद का आठ वर्षीय पुत्र ऋषभ बुधवार दोपहर अपने घर की छत पर खेल रहा था। इसी दौरान घर के पास स्थित तालाब की ओर उसकी पतंग गिर गई। पतंग लेने के लिए ऋषभ अकेले तालाब की तरफ चला गया।

बताया जा रहा है कि तालाब के पास पहले से ही आवारा कुत्तों का एक झुंड मौजूद था। जैसे ही ऋषभ वहां पहुंचा, कुत्तों ने अचानक उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से बच्चा घबरा गया और खुद को बचाने की कोशिश करने लगा, लेकिन कुत्तों की संख्या अधिक होने के कारण वह उनका सामना नहीं कर सका।

कुत्तों ने बच्चे को कई जगह काट लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले के दौरान बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने किसी तरह कुत्तों को भगाया और घायल ऋषभ को वहां से बाहर निकाला।

घटना के बाद परिजन तुरंत बच्चे को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोंधी लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। लेकिन बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

जिला अस्पताल में भी चिकित्सकों ने बच्चे की स्थिति को गंभीर बताया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उसे वाराणसी स्थित बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजन बच्चे को लेकर तुरंत वाराणसी रवाना हुए।

घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में चिंता का माहौल फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। इससे पहले भी कई बार कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों को पकड़ने और समस्या का समाधान करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए ऐसे कुत्तों का झुंड बड़ा खतरा बन गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, आवारा कुत्तों के हमले में घायल व्यक्ति को तुरंत चिकित्सा सहायता मिलनी चाहिए। कुत्तों के काटने के बाद रेबीज का खतरा रहता है, इसलिए समय पर इलाज और वैक्सीन बेहद जरूरी होती है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कुत्ते के काटने के मामलों में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। घाव को तुरंत साफ करना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाना जरूरी होता है।

ग्रामीणों ने बताया कि तालाब और आसपास के इलाकों में अक्सर आवारा कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं। बच्चों के खेलने या बाहर जाने के दौरान उनके हमले का खतरा बना रहता है।

प्रशासन की ओर से अभी तक आवारा कुत्तों को लेकर किसी विशेष अभियान की जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, ग्रामीणों की शिकायत के बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।

इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में आवारा पशुओं और कुत्तों की समस्या को सामने ला दिया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में और गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।

फिलहाल ऋषभ का इलाज बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। परिजन उसके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, ग्रामीण प्रशासन से बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

Next Story