उत्तर प्रदेश

बलरामपुर में आवास योजना की रफ्तार धीमी

Saba Naaz
26 July 2026 4:15 PM IST
बलरामपुर में आवास योजना की रफ्तार धीमी
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बलरामपुर: प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के तहत पात्र लाभार्थियों की अंतिम सूची जारी होने में लगातार देरी हो रही है। बेघर परिवारों को पक्का मकान मिलने की उम्मीद अब लंबे इंतजार में बदलती जा रही है। करीब डेढ़ साल से पात्रता सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अभी तक अंतिम सूची जारी नहीं हो सकी है। इससे उन परिवारों में निराशा बढ़ रही है, जिन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही उन्हें अपना पक्का घर मिल सकेगा।

ग्राम्य विकास विभाग की ओर से प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के लिए जिले में बड़े स्तर पर ऑनलाइन सर्वे कराया गया था। इस सर्वे में कुल 49,678 परिवारों का डाटा जुटाया गया था। इसके बाद जांच प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें 20,725 आवेदकों का डाटा संदिग्ध पाया गया। संदिग्ध पाए गए आवेदकों की पात्रता जांच के लिए दोबारा सत्यापन कराया गया।

प्रशासन की ओर से पात्रता सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों पर जांच की गई। पहले गांवों में खुली बैठक आयोजित कर आवेदकों की जानकारी सार्वजनिक की गई। इसके बाद जिला स्तर पर टीमों ने सत्यापन किया। इतना ही नहीं शासन स्तर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक के माध्यम से भी आवेदकों की पात्रता की जांच कराई गई। इसके बावजूद अभी तक अंतिम सूची जारी नहीं हो पाई है।

जानकारी के अनुसार, पहले चरण के सत्यापन में करीब 2,853 आवेदकों का डाटा पात्र पाया गया था और इसे निदेशालय स्तर से स्वीकार भी कर लिया गया था। वहीं जिन आवेदकों के डाटा में संदेह था, उनकी दोबारा जांच कराई गई। इसके बाद गांवों में खुली बैठक कर पात्र लोगों को चिन्हित किया गया और इसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी गई।

अब अंतिम निर्णय शासन स्तर से होना है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। शासन स्तर से अपात्र लोगों के नाम हटाने के बाद पात्र लाभार्थियों की अंतिम सूची जारी की जाएगी।

जिले के अलग-अलग विकासखंडों में बड़ी संख्या में आवेदकों का सत्यापन किया गया है। सदर विकासखंड में 10,546 आवेदनों में से 4,948 डाटा संदिग्ध पाए गए थे, जिनकी दोबारा जांच की गई। इसी तरह गैंडास में 1,803 आवेदनों में 1,063, गैंसड़ी में 8,325 में 3,812, हरैया सतघरवा में 7,110 में 2,829 और पचपेड़वा में 5,922 आवेदनों में 2,667 डाटा संदिग्ध मिले थे।

इसके अलावा रेहराबाजार में 4,680 आवेदनों में 1,228, श्रीदत्तगंज में 2,544 में 934, तुलसीपुर में 5,772 में 1,689 और उतरौला में 2,966 आवेदकों का डाटा संदिग्ध पाया गया था। इन सभी आवेदनों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है।

प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और बेघर परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता देकर आवास निर्माण में मदद दी जाती है। लेकिन बलरामपुर में सूची जारी होने में हो रही देरी के कारण कई जरूरतमंद परिवार अभी भी अपने घर के सपने को पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से वे किराये के मकान, कच्चे घर या असुरक्षित झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। उन्हें उम्मीद थी कि योजना के तहत जल्द ही उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन बार-बार सत्यापन प्रक्रिया के कारण इंतजार बढ़ता जा रहा है।

अब सभी की नजर शासन स्तर से जारी होने वाली अंतिम सूची पर टिकी हुई है। यदि सूची जल्द जारी होती है तो हजारों गरीब परिवारों को अपने पक्के घर का सपना पूरा करने की दिशा में बड़ी राहत मिल सकती है।

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