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लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर के पास बुधवार सुबह अचानक जमीन धंसने की घटना से हड़कंप मच गया। जमीन धंसने के कारण बाउंड्री वाल का एक हिस्सा ढह गया, जिसकी चपेट में आने से लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन टूटने से अस्पताल के कई हिस्सों में ऑक्सीजन आपूर्ति अचानक बाधित हो गई और वार्डों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
यह घटना KGMU के शताब्दी भवन फेज-1 और फेज-2 के बीच हुई। यहां बड़ी संख्या में गंभीर मरीज भर्ती रहते हैं। ऑक्सीजन जैसी जीवन रक्षक सुविधा प्रभावित होने से अस्पताल प्रशासन तुरंत हरकत में आया और स्थिति को संभालने के लिए आपात कदम उठाए गए।
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह अचानक परिसर में जमीन धंसने लगी। इसके बाद वहां बनी बाउंड्री वाल का हिस्सा कमजोर होकर गिर गया। दीवार का मलबा नीचे स्थित लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की पाइपलाइन पर जा गिरा, जिससे पाइपलाइन टूट गई।
ऑक्सीजन की मुख्य सप्लाई लाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद शताब्दी भवन के वार्डों में ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित हुई। अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की गई।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित होने से करीब 15 ऑपरेशन को अस्थायी रूप से टालना पड़ा। हालांकि, मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऑक्सीजन सपोर्ट के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए गए।
घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टर, तकनीकी कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। टीमों ने क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू किया और प्रभावित क्षेत्रों में ऑक्सीजन व्यवस्था बहाल करने के प्रयास किए।
KGMU ट्रॉमा सेंटर और शताब्दी भवन में गंभीर मरीजों का इलाज होता है। ऐसे में ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होना अस्पताल के लिए बड़ी चुनौती थी। प्रशासन ने तुरंत सिलेंडर और अन्य वैकल्पिक माध्यमों से मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराई।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि घटना के कारण किसी मरीज को नुकसान नहीं हुआ। सभी मरीजों की निगरानी की गई और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
अधिकारियों ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रूप से जमीन धंसने को बाउंड्री वाल गिरने की वजह माना जा रहा है। यह पता लगाया जा रहा है कि जमीन धंसने की घटना किन कारणों से हुई।
विशेषज्ञों के अनुसार, अस्पताल परिसरों में ऑक्सीजन जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं की पाइपलाइन बेहद संवेदनशील होती हैं। ऐसी लाइनों को नुकसान पहुंचने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और नियमित जांच जरूरी होती है।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। प्रभावित स्थान की जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय किए जा सकते हैं।
मरीजों के परिजनों में कुछ समय के लिए चिंता का माहौल रहा। ऑक्सीजन सप्लाई रुकने की खबर मिलते ही कई लोग परेशान हो गए, लेकिन अस्पताल प्रशासन की सक्रियता से स्थिति जल्द नियंत्रित कर ली गई।
KGMU प्रशासन ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल में वैकल्पिक व्यवस्थाएं मौजूद हैं।
इस घटना ने बड़े अस्पताल परिसरों में बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पतालों में बिजली, ऑक्सीजन और अन्य जीवन रक्षक प्रणालियों की नियमित निगरानी जरूरी है।
फिलहाल ऑक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य करने के लिए काम जारी है और अस्पताल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।





