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उत्तर प्रदेश
खुले नाले ने छीनी 13 साल के बच्चे की जिंदगी 500 मीटर दूर मिला शव
Ratna Netam
5 Sept 2026 8:17 PM IST

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में तेज बारिश के दौरान खुले नाले और जलभराव लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। एक बार फिर लापरवाही की वजह से एक मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। भारी बारिश के बीच बच्चा खुले नाले में गिर गया और काफी तलाश के बाद उसका शव पाइप में फंसा हुआ मिला। घटना के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है और लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखने को मिल रही है।
बारिश के पानी में छिपा था मौत का खतरा
बताया जा रहा है कि तेज बारिश के कारण इलाके में पानी भर गया था। जलभराव की वजह से खुला नाला दिखाई नहीं दे रहा था। इसी दौरान बच्चा अनजाने में नाले में गिर गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश के पानी और तेज बहाव के कारण बच्चे को संभलने का मौका नहीं मिला। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
पाइप में अटका मिला मासूम का शव
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और बचाव दल मौके पर पहुंचे। काफी देर तक बच्चे की तलाश की गई।
तलाशी अभियान के दौरान बच्चे का शव नाले से जुड़े पाइप में फंसा हुआ मिला। शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
मासूम की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
खुले नालों को लेकर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर शहरों में खुले नालों और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगह नाले खुले पड़े हैं और बारिश के दौरान ये दिखाई नहीं देते। इससे बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
लोगों ने प्रशासन से खुले नालों को ढकने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है।
बारिश के दौरान बढ़ जाता है खतरा
मानसून के मौसम में तेज बारिश के बाद सड़कों और गलियों में पानी भर जाता है। ऐसे में खुले गड्ढे, नाले और निर्माण स्थल हादसों का कारण बन सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के दौरान बच्चों को ऐसे इलाकों से दूर रखना चाहिए जहां जलभराव हो या नाले खुले हों।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार विभागों से कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते खुले नालों को बंद किया जाता तो शायद मासूम की जान बच सकती थी।
प्रशासन की ओर से मामले की जांच और आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
जिस बच्चे की मौत हुई, वह परिवार के लिए उम्मीदों का सहारा था। अचानक हुई इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
मासूम की मौत के बाद आसपास के लोग भी दुखी हैं। लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए स्थायी समाधान जरूरी है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
बारिश के मौसम में खुले नालों में गिरने से बच्चों की मौत के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं।
हर साल मानसून के दौरान नगर निकायों की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। बावजूद इसके कई जगहों पर खुले नाले और खराब जल निकासी व्यवस्था बड़ी समस्या बनी हुई है।
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