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अधूरे नाले में गिरी मासूम
गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में खुले नाले में एक बच्ची के गिरने की घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आरोप है कि नाले का निर्माण पिछले करीब आठ महीने से अधूरा पड़ा है और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण बच्ची इसमें गिर गई। घटना के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है।
इलाके में नाले का निर्माण शुरू कराया गया था, लेकिन काम पूरा नहीं होने के कारण कई स्थानों पर नाला खुला पड़ा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से निर्माण अधूरा होने के बावजूद न तो इसे ढका गया और न ही लोगों को खतरे से बचाने के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई। इसी खुले नाले में बच्ची अचानक गिर गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तत्काल बच्ची को बाहर निकालने की कोशिश की और उसे सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे के बाद परिवार के लोग भी परेशान हो गए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि खुले नाले के कारण यहां पहले से दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। बच्चों के साथ-साथ बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी यह स्थान खतरनाक बना हुआ है। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने पर खतरा और बढ़ सकता है।
लोगों का आरोप है कि नाले का निर्माण करीब आठ महीने पहले शुरू हुआ था, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो सका। निर्माण में देरी क्यों हुई और काम कब तक पूरा होगा, इसे लेकर स्थानीय लोग जवाब मांग रहे हैं। उनका कहना है कि अधूरे निर्माण स्थल पर कम से कम सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए थे। बच्ची के नाले में गिरने की घटना के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। निर्माण स्थल पर चेतावनी संकेत, मजबूत बैरिकेडिंग और नाले को अस्थायी रूप से ढकने जैसी व्यवस्था होने से दुर्घटना के जोखिम को कम किया जा सकता था। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द नाले का निर्माण पूरा करने की मांग की है।
शहरी क्षेत्रों में खुले नाले कई बार गंभीर हादसों का कारण बनते हैं। बारिश के दौरान पानी भरने पर नाले और सड़क के बीच अंतर समझना मुश्किल हो जाता है। वहीं सामान्य दिनों में भी बच्चों के खेलते समय या पैदल यात्रियों के गुजरने के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। घटना के बाद लोगों की मांग है कि नगर निगम अधूरे निर्माण की स्थिति की जांच करे और संबंधित ठेकेदार या जिम्मेदार अधिकारियों से काम में हुई देरी का कारण पूछे। इसके साथ ही जब तक निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक खुले हिस्सों को सुरक्षित तरीके से ढकने की व्यवस्था की जाए।
गोरखपुर की इस घटना ने एक बार फिर अधूरे निर्माण कार्यों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को सामने रखा है। बच्ची के खुले नाले में गिरने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। अब निगाह इस बात पर है कि जिम्मेदार विभाग नाले का अधूरा निर्माण कब तक पूरा करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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