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उत्तर प्रदेश
मासूम के लिए जानलेवा बना नट-बोल्ट, समय पर इलाज से टला बड़ा हादसा
nidhi
30 July 2026 8:43 AM IST

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नोएडा में डॉक्टरों ने बचाई मासूम की जिंदगी
UTTAR-PRADESH : नोएडा में एक डेढ़ साल के मासूम बच्चे की जान डॉक्टरों की सूझबूझ और त्वरित उपचार से बच गई। खेलते-खेलते बच्चे ने नट-बोल्ट निगल लिया, जिससे उसके परिजनों के होश उड़ गए। बच्चे को सांस लेने और निगलने में परेशानी होने लगी तो परिवार उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए इलाज शुरू किया और सफलतापूर्वक नट-बोल्ट निकालकर उसकी जान बचा ली।
परिजनों के मुताबिक, बच्चा घर में खेल रहा था। इसी दौरान उसने जमीन पर पड़ा एक छोटा नट-बोल्ट उठाकर मुंह में डाल लिया और देखते ही देखते उसे निगल गया। शुरुआत में परिवार को इसकी जानकारी नहीं हुई, लेकिन कुछ ही देर में बच्चा लगातार रोने लगा और उसे बेचैनी होने लगी। जब उसने खाना-पीना भी बंद कर दिया और सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगी, तब परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए।
जांच में सामने आई गंभीर स्थिति
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्चे की तत्काल जांच की। एक्स-रे और अन्य जांचों में पता चला कि नट-बोल्ट शरीर के अंदर फंसा हुआ है। स्थिति को गंभीर मानते हुए डॉक्टरों ने विशेषज्ञ टीम को बुलाया और तुरंत एंडोस्कोपिक प्रक्रिया की तैयारी शुरू कर दी।
डॉक्टरों ने अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से बिना किसी बड़े ऑपरेशन के नट-बोल्ट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पूरी प्रक्रिया सफल रही और बच्चे की हालत स्थिर हो गई। इलाज के बाद कुछ समय तक उसे निगरानी में रखा गया और स्वास्थ्य में सुधार होने पर छुट्टी दे दी गई।
समय पर इलाज बना जीवनरक्षक
चिकित्सकों ने बताया कि यदि बच्चे को अस्पताल लाने में थोड़ी भी देर होती, तो नट-बोल्ट श्वास नली या पाचन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता था। इससे जान का खतरा भी पैदा हो सकता था। डॉक्टरों ने कहा कि ऐसे मामलों में समय पर चिकित्सा सहायता मिलना सबसे महत्वपूर्ण होता है।
छोटे बच्चों के साथ बरतें विशेष सावधानी
बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि एक से तीन वर्ष की आयु के बच्चे अपने आसपास की चीजों को मुंह में डालने की आदत रखते हैं। इसलिए माता-पिता और अभिभावकों को घर में मौजूद छोटी वस्तुओं जैसे नट-बोल्ट, सिक्के, बटन, सेफ्टी पिन, बैटरी, कंचे और चुंबक जैसी चीजों को बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए।
यदि किसी बच्चे के गले में कोई वस्तु फंस जाए या उसके निगलने की आशंका हो, तो घरेलू उपाय करने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचना चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के बच्चे को जबरन खाना या पानी पिलाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
जागरूकता से टल सकते हैं ऐसे हादसे
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी से इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। बच्चों को हमेशा निगरानी में रखें और उनके खेलने की जगह पर छोटी धातु या प्लास्टिक की वस्तुएं न छोड़ें। साथ ही परिवार के सभी सदस्यों को भी इस तरह की आपात स्थिति में सही कदम उठाने की जानकारी होनी चाहिए।
नोएडा की यह घटना न केवल डॉक्टरों की तत्परता और आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था का उदाहरण है, बल्कि अभिभावकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण सीख है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर हर समय सतर्क रहना आवश्यक है।
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