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Nurse's की संदिग्ध मौत बनी हत्या, प्रेमी वार्डबॉय पर लगा हत्या का आरोप

Meerut मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक निजी अस्पताल के अंदर हुई स्टाफ नर्स की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जिस घटना को शुरुआती तौर पर आत्महत्या माना जा रहा था, वह जांच के बाद हत्या का मामला निकला। पुलिस के अनुसार, अस्पताल में काम करने वाले एक शादीशुदा वार्डबॉय ने अपने दोस्त के साथ मिलकर अपनी प्रेमिका नर्स की कथित तौर पर हत्या कर दी और घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी वार्डबॉय सुरेश ने अपने साथी फरहान के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। आरोप है कि दोनों ने नर्स को जहरीला इंजेक्शन और ड्रिप देकर उसकी जान ले ली। इसके बाद वारदात को छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए मृतका के पास सल्फास की गोलियां और एक कथित सुसाइड नोट रख दिया गया, ताकि मामला आत्महत्या जैसा लगे।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया था। नर्स की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआत में मामला आत्महत्या का लग रहा था, लेकिन पुलिस को घटनास्थल और परिस्थितियों से कुछ ऐसे संकेत मिले, जिनसे शक गहराने लगा। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों और मृतका से जुड़े लोगों से पूछताछ की। जांच में कई अहम तथ्य सामने आए, जिसके आधार पर पुलिस का शक वार्डबॉय सुरेश पर गया। पुलिस ने जब उससे सख्ती से पूछताछ की तो कथित तौर पर पूरे मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी सुरेश और मृतका के बीच कथित तौर पर संबंध थे। सुरेश पहले से शादीशुदा था। पुलिस का कहना है कि किसी विवाद या आपसी तनाव के चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद उसने अपने दोस्त फरहान की मदद से सबूतों को छिपाने और घटना को आत्महत्या दिखाने का प्रयास किया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुरेश और उसके सहयोगी फरहान को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ हत्या सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब मामले में आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात की पूरी योजना कैसे बनाई गई और इसमें अन्य कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। मृतका के शव की जांच रिपोर्ट, अस्पताल के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस घटना ने निजी अस्पतालों में कर्मचारियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल प्रशासन से भी घटना को लेकर जानकारी ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ पुलिस की इस कार्रवाई के बाद यह साफ हो गया कि शुरुआती तौर पर आत्महत्या दिखाई देने वाले मामलों में भी गहराई से जांच जरूरी होती है। पुलिस की जांच के बाद सामने आए इस खुलासे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।





