उत्तर प्रदेश

सांख्यिकी मंत्रालय के अधीन है एनएसएसओ

Admin Delhi 1
18 May 2023 2:02 PM GMT
सांख्यिकी मंत्रालय के अधीन है एनएसएसओ
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मुजफ्फरपुर न्यूज़: बिहार में बिना निबंधन के 25 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग चल रहे हैं. राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) के 73वें राउंड के सर्वे के मुताबिक, बिहार में 34 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग हैं. इनमें से 6.39 लाख ही सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के पोर्टल पर निबंधित हैं.

उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक ने उद्योग निदेशक, सभी जिलों के महाप्रबंधक व उद्योग विस्तार पदाधिकारियों एवं अर्थ अन्वेषकों को अपने-अपने जिलों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों का निबंधन एमएसएमई पोर्टल पर कराने का निर्देश दिया है. इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में पदाधिकारी जाकर उन उद्योगों के संचालकों को पोर्टल पर निबंधन की जानकारी देंगे अथवा अपने कार्यालय में पोर्टल पर निबंधन की जानकारी को लेकर बैठक आयोजित करेंगे. उन्होंने कहा कि सभी इस दिशा में तेजी से प्रयास करें ताकि अधिक से अधिक उद्यमों को निबंधित किया जा सके. इससे उद्योगों को भी फायदा होगा.

उद्योगों को लाभ देना मकसद

एमएसएमई निबंधन एक ऑनलाइन पोर्टल है. इसे सरकार ने नए छोटे और मध्यम उद्यमियों के लिए शुरू किया है, जो आधार कार्ड नंबर की सहायता से उनको अपना व्यवसाय पंजीकृत करने में मदद करता है. इसका मकसद इन उद्योगों को लाभ प्रदान करना है.

एमएसएमई में पंजीकृत विनिर्माण-सेवा क्षेत्र के उद्योगों को ये लाभ मिलेंगे

1.बैंक से कम ब्याज दर पर लोन संभव.

2. आयकर में रियायत मिल सकती है.

3. उद्योग के लिए जल्द लाइसेंस मिल जाता है.

4. एमएसएमई में निबंधित उद्योगों को वरीयता.

5. बिजली के बिल में छूट मिल सकती है.

6. अधिक उत्पादन पर टैक्स में भारी छूट.

विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, एनएसएसओ भारत सरकार के सांख्यिकी मंत्रालय के अधीन संगठन है. यह सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण करता है, उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण के लिए कार्य क्षेत्र और आर्थिक जनगणना के अनुवर्ती सर्वेक्षण करता है. निबंधित नहीं होने के कारण इन लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों के बारे में वास्तविक जानकारी सरकार के पास उपलब्ध नहीं है.

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