उत्तर प्रदेश

अब NIA भी कर सकती है जांच; कवैत रिटर्न है 1 आरोपी

Admin4
26 July 2022 10:59 PM IST
अब NIA भी कर सकती है जांच; कवैत रिटर्न है 1 आरोपी
x

कांवड़ यात्रा के बीच भगवा साफा बांधकर दो मुस्लिम युवकों द्वारा बिजनौर में मजारों में तोड़फोड़ का मकसद क्‍या था? क्‍या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी? ATS,IB,STF के बाद अब एनआईए भी इसकी जांच कर सकती है। इस बीच एजेसियों की जांच में पता चला है कि पकड़ा गया एक आरोपी कुवैत भी जा चुका है। बताया जा रहा है कि वहां उसकी हरकतों को देखते हुए उसे दस दिन बाद ही वापस भेज दिया गया था।

पुलिस ने मजारों में तोड़फोड़ के मामले में दोनों आरोपी भाइयों को जेल भेज दिया है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए जिस तरह से एटीएस, आईबी और एसटीएफ जांच एजेंसियां सक्रिय हुई हैं। उससे मामला उच्चस्तर तक पहुंच गया, लेकिन स्थानीय पुलिस की जांच-पड़ताल में आरोपी भाइयों को ही दोषी पाया गया है। इसमें अन्य किसी का हाथ अभी तक नहीं मिला है। हालांकि एटीएस व अन्य एजेंसियों ने घंटों पूछताछ और मोबाइल डाटा आदि भी जांच के लिए लिया है।

यही कारण है कि स्थानीय पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों का चालान कर दिया, जबकि एजेंसियों की जांच अभी जारी होना बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक अब एनआइए (नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी) इस मामले में पूछताछ कर सकती है। हालांकि, आधिकारिक रूप से इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। बड़ा सवाल है कि भगवा गमछा पहनकर इस घटना को अंजाम देने का इरादा आखिर क्या था?

कमाल गया था कुवैत

खुफिया विभाग ने जानकारी जुटाई है कि आरोपी कमाल कुवैत गया था, लेकिन उसके आचरण व व्यवहार को देखते हुए उसे दस दिन बाद ही वापस भेज दिया गया था। एएसपी पूर्वी ओमवीर सिंह कहना हैं कि आरोपियों ने जो हरकत की, उससे एक बड़ी घटना होने की आशंका पैदा हो गई थी। समय रहते पुलिस ने मामले को कंट्रोल कर लिया। दोनों ही आरोपी अब जेल जा चुके हैं। आगे की जांच अभी जारी है।

आरोपियों को पछतावा नहीं

पुलिस ने दोनों आरोपी भाइयों को रविवार रात में ही गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस कर्मियों के मुताबिक पूछताछ के बाद के दौरान आरोपियों के हाव-भाव से ऐसा नहीं लग रहा था कि उन्हें इस घटना के बाद कोई पछतावा हो। आरोपी रात को सुकून से सोते दिखे। जब उठे और फिर पूछताछ हुई तो भी सामान्य दिखे।

आरोपियों में मजार के प्रति नहीं आस्था

सूत्रों की मानें तो मुख्य आरोपी ये कहता दिखा है कि मजार पर चादरें चढ़ाने का क्या फायदा? एक वीडियो में मुख्य आरोपी कमाल ये कहते भी दिख रहा है कि मजार मैंने तोड़ी है, तो ये मामला उनके और मेरे बीच में रहने दो। मैंने कुछ गलत किया है तो वह मुझे खुद देख लेंगे। गौरतलब है कि पुलिस ने मीडिया को जो प्रेस नोट जारी किया था, उसमें भी आरोपियों की मजारों के प्रति आस्था नहीं होने की बात कही गई थी। अब पुलिस इस मामले में देवबंदी और बरेलवी मसलक को लेकर भी जांच कर रही है।

आरोपी भाइयों पर लगेगी रासुका: एसपी

एसपी दिनेश सिंह ने बताया कि शेरकोट के तीन धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ व आगजनी करने के मामले की जांच चल रही है। आवश्यकता पड़ने पर आरोपियों की रिमांड भी ली जाएगी। दोनों आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई भी की जायेगी।

Next Story