उत्तर प्रदेश

बुलडोजर एक्शन से पहले नोटिस जारी अवैध वकील चैंबरों पर सख्ती

Ratna Netam
26 Aug 2026 5:52 PM IST
बुलडोजर एक्शन से पहले नोटिस जारी अवैध वकील चैंबरों पर सख्ती
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उत्तर प्रदेश : राजधानी लखनऊ में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। शहर के कचहरी क्षेत्र और आसपास बने कथित अवैध वकीलों के चैंबरों पर 30 अगस्त को बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने संबंधित स्थानों पर नोटिस चस्पा कर दिए हैं और कब्जाधारकों को तय समय सीमा में खुद अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन और सार्वजनिक रास्तों पर किए गए अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई नियमों के तहत की जा रही है। अधिकारियों ने साफ किया है कि अगर तय समय तक कब्जे नहीं हटाए गए तो प्रशासन खुद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।
30 अगस्त को होगी कार्रवाई
नगर निगम ने पुराने हाईकोर्ट परिसर, कचहरी रोड, निबंधन कार्यालय और तहसील क्षेत्र के आसपास बने अवैध निर्माणों को चिन्हित किया है। इन जगहों पर कई वकीलों के चैंबर और अन्य अस्थायी निर्माण होने की बात सामने आई है।
अधिकारियों के मुताबिक, पहले ही कई निर्माणों पर लाल निशान लगाए जा चुके हैं। अब नोटिस देकर अंतिम मौका दिया गया है। 30 अगस्त को नगर निगम की टीम सुबह से अभियान शुरू कर सकती है।
पुलिस बल की रहेगी तैनाती
नगर निगम प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की मांग की है। नगर आयुक्त की ओर से पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
प्रशासन को आशंका है कि कार्रवाई के दौरान विरोध हो सकता है। इससे पहले भी जब अवैध चैंबर हटाने की कोशिश हुई थी तो वकीलों की ओर से विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई
अवैध चैंबरों को हटाने का मामला न्यायालय के आदेश से जुड़ा हुआ है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सार्वजनिक जमीन और रास्तों पर बने कथित अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद नगर निगम ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
हाईकोर्ट ने संबंधित लोगों को मौका देते हुए कहा था कि या तो वे अपने निर्माण को खुद हटा लें या फिर अपने वैध अधिकार से जुड़े दस्तावेज पेश करें।
वकीलों में नाराजगी
नगर निगम की कार्रवाई को लेकर कुछ वकीलों ने विरोध जताया है। उनका कहना है कि कई चैंबर लंबे समय से बने हुए हैं और इन्हें हटाने से उनके कामकाज पर असर पड़ेगा।
वकीलों का पक्ष है कि कार्रवाई से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी। वहीं प्रशासन का कहना है कि अवैध कब्जे को बनाए रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
पहले भी हो चुका है विरोध
इससे पहले भी लखनऊ में वकीलों के चैंबर हटाने को लेकर विवाद हुआ था। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में वकील मौके पर पहुंच गए थे और विरोध प्रदर्शन किया था। प्रशासन और वकीलों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी थी।
नगर निगम का कहना है कि शहर में अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है और किसी भी व्यक्ति या संगठन को सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
वकीलों के चैंबरों पर प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा है। याचिका में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को चुनौती दी गई है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यदि चैंबर अनधिकृत हैं तो कार्रवाई के नियमों के अनुसार कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन और वकीलों के बीच टकराव की संभावना
30 अगस्त को होने वाली कार्रवाई को देखते हुए प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। वहीं वकील भी अपने पक्ष को लेकर सक्रिय हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि नगर निगम की कार्रवाई किस तरह आगे बढ़ती है और क्या इसे लेकर कोई नया कानूनी या प्रशासनिक मोड़ सामने आता है।
फिलहाल लखनऊ में अवैध चैंबरों का मामला एक बार फिर चर्चा में है। जहां प्रशासन इसे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बता रहा है, वहीं वकील इसे अपने कामकाज और अधिकारों से जुड़ा मुद्दा मान रहे हैं।
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