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नोएडा: गौतमबुद्ध नगर के पुलिसकर्मियों के लिए सूरजपुर में 200 आवास बनेंगे. इनके निर्माण पर 80 करोड़ रुपये की लागत आएगी. इन्हें बनाने के लिए रिजर्व पुलिस लाइन में जगह चिह्नित कर ली गई है.
गौतमबुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर पुलिस का आधुनिकीकरण हो रहा है. इसके अलावा पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए कदम उठाए जा रहे. उन्होंने पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधाएं और सरकारी आवास देने के उद्देश्य से रिजर्व पुलिस लाइन में टाइप-ए के 30 और टाइप-बी के 170 आवास (कुल 200 आवास) के लेआउट प्लान को अंतिम रूप दिया है. ये आवास पीडब्ल्यूडी मेरठ खंड के सहयोग से बनाए जाएंगे, जिनकी प्रारंभिक अनुमानित कीमत लगभग 80 करोड़ रुपये है. इन सभी आवासों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा.
पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से समय-समय पर समन्वय गोष्ठी आयोजित कर इन आवासों को अतिशीघ्र तैयार कराया जाए. इनकी निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए. उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला होने के चलते कमिश्नरेट में लगातार पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ रही है. रिजर्व पुलिस लाइन में रुकने वाले पुलिसकर्मियों के लिए आवासों की लंबे समय से कमी चल रही है. पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह द्वारा पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधाएं और संसाधन देने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. इसी क्रम में 200 आवासों के ले-आउट प्लान के अंतिम रूप दिया गया है. इनके बनने से राहत मिलेगी.
निरीक्षक रैंक तक 5600 से अधिक पुलिसकर्मी: गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारी ने बताया कि जिले में कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, उपनिरीक्षक और निरीक्षक रैंक के 5600 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं. इनमें से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी थानों में बने आवास और बैरकों में रहते हैं. जिले में परिवार के साथ रहने वाले पुलिसकर्मियों के लिए आवास आवंटित किए जाते हैं, जबकि अकेले रहने वाले पुलिसकर्मियों के लिए बैरक आवंटित की जाती है. वर्तमान में सूरजपुर स्थित पुलिस लाइन की बैरक में 500 पुलिसर्कियों के रुकने की व्यवस्था है.
चार टावर भी बनकर तैयार: डीसीपी हेडक्वार्टर रवि शंकर निम ने बताया कि वर्तमान में रिजर्व पुलिस लाइन में 350 पुलिसकर्मियों के लिए आवास में रहने की व्यवस्था है. वहीं, 12 मंजिला ऊंचे चार टावर बनकर तैयार हैं. इनमें लगभग 200 आवास हैं. जल्द ही प्रक्रिया को पूरा कर इन्हें हैंडओवर किया जाएगा. आवेदन करने वाले पुलिसकर्मियों को इन्हें आवंटित किया जाएगा.





