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उत्तर प्रदेश
नोएडा: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 40 लाख ठगने वाला गिरोह बेनकाब, एक गिरफ्तार
SHIDDHANT
7 Oct 2025 10:46 PM IST

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Noida नोएडा। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच नोएडा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने वाले गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर ग्रेटर नोएडा की एक महिला से जांच के नाम पर 40 लाख रुपये ट्रांसफर कराए थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामले में लिप्त बैंक खातों को तत्काल फ्रीज कराया और जांच तेज की। जानकारी के अनुसार, 21 अगस्त को ग्रेटर नोएडा निवासी महिला ने थाना साइबर क्राइम में मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता ने बताया कि कुछ अज्ञात साइबर अपराधियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उसे डिजिटल अरेस्ट कर लिया और जांच के नाम पर उसके खाते से करीब 40 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने 7 अक्टूबर को हरियाणा के पानीपत जिले से आरोपी राकेश पुत्र पवन कुमार (उम्र 29 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में राकेश ने खुलासा किया कि वह पानीपत में प्राइवेट नौकरी करता है और वहीं उसकी मुलाकात करन नामक व्यक्ति से हुई थी, जो साइबर अपराधों में सक्रिय है। दोनों ने मिलकर इस ठगी को अंजाम दिया था। अब तक वे 4,98,703 रुपये की राशि निकाल चुके हैं, जिसे दोनों ने आपस में कमीशन के रूप में बांट लिया था।
आरोपी राकेश साइबर अपराधियों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने का भी काम करता था। जबकि उसका साथी करन इस समय हरियाणा के करनाल जेल में बंद है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल एक मोबाइल फोन बरामद किया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। साइबर क्राइम पुलिस ने नागरिकों को जागरूक रहने को सलाह देते हुए बताया है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा की गई व्हाट्सएप या वीडियो कॉल पर तुरंत विश्वास न करें, चाहे सामने वाला खुद को किसी सरकारी अधिकारी या पुलिसकर्मी के रूप में पेश करे।
कॉल में दी जा रही जानकारी को गूगल या संबंधित विभाग की वेबसाइट से सत्यापित करें। अगर कोई कॉल पार्सल, बैंक खाते, या कानूनी कार्यवाही के नाम पर डराने की कोशिश करे, तो घबराने के बजाय तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल से संपर्क करें। इसके अलावा, किसी भी व्यक्ति को अपने आधार या बैंक से संबंधित जानकारी साझा न करें। पुलिस ने कहा है कि ऐसे “डिजिटल अरेस्ट” के मामलों में साइबर ठग लोगों को डराकर उनके बैंक खातों से भारी रकम निकाल लेते हैं। नागरिक सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।
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