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उत्तर प्रदेश
नोएडा अथॉरिटी और गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय मिलकर बनाएंगे दो अत्याधुनिक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’
SHIDDHANT
6 Nov 2025 8:17 PM IST

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NOIDA नोएडा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को रिसर्च एंड डेवलपमेंट के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नोएडा अथॉरिटी और गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) एक साथ आए हैं। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा अथॉरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. लोकेश एम से मुलाकात की। इस दौरान दोनों संस्थानों के बीच दो बड़े सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने पर सिद्धांत रूप में सहमति बनी। इन दो प्रमुख अत्याधुनिक शोध केंद्रों की स्थापना जीबीयू परिसर में की जाएगी। सेंटर फॉर सेमीकॉन रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी (सीएसआरटी) केंद्र सेमीकंडक्टर तकनीक और माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में उच्च स्तरीय शोध, तकनीकी नवाचार और उद्योग साझेदारी को बढ़ावा देगा।
भारत में तेजी से बढ़ती चिप उत्पादन और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षमता को देखते हुए यह केंद्र क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका निभाने वाला है। सेंटर फॉर ड्रग डिस्कवरी एंड डेवलपमेंट विशेष शोध केंद्र कैंसर उपचार और बायोटेक्नोलॉजी आधारित नई दवाओं के विकास पर काम करेगा। अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, शोध संसाधन और वैज्ञानिक सहयोग के माध्यम से यह केंद्र मेडिकल साइंस में प्रमुख योगदान देने की क्षमता रखता है। इस साझेदारी के जरिए नोएडा क्षेत्र को हाई-स्किल रोजगार, तकनीकी स्टार्टअप्स, अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग और उद्योग निवेश का बड़ा लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल एनसीआर को सेमीकंडक्टर और बायोटेक क्षेत्र में देश का प्रमुख नवाचार केंद्र बना सकती है। मुलाकात के दौरान गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की ओर से रजिस्ट्रार डॉ. विश्वास त्रिपाठी, डीन अकादमिक्स प्रो. राजीव वर्मा, डीन स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी डॉ. एस. धनलक्ष्मी, हेड स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी डॉ. रेखा पूरिया, हेड स्कूल ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन डॉ. विदुषी शर्मा और डॉ. मंगल दास उपस्थित रहे। दोनों संस्थान जल्द ही फंडिंग पैटर्न और भागीदारी मॉडल को अंतिम रूप देंगे। विश्वविद्यालय की टीम संबंधित हितधारकों से परामर्श कर वित्तीय मॉडल और राजस्व संरचना पर विस्तृत रिपोर्ट भी देगी, जिससे यह परियोजना लंबे समय तक वित्तीय रूप से टिकाऊ और प्रभावी रूप से संचालन योग्य बन सके।
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