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आरटीआई का जवाब नहीं मिला बीएसए कार्यालय का मामला आयोग पहुंचा

अलीगढ़। अतरौली क्षेत्र के स्कूलों से संबंधित आरटीआई आवेदन पर समय से जानकारी नहीं मिलने का मामला राज्य सूचना आयोग पहुंच गया है। प्रकरण में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के जन सूचना अधिकारी को आयोग ने अंतिम अवसर दिया है। अधिकारी को 24 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया गया है। अतरौली निवासी एक व्यक्ति ने स्कूलों, विद्यार्थियों और अटैच शिक्षकों से जुड़ी जानकारी मांगी थी। निर्धारित समय पर सूचना नहीं मिलने के बाद मामला आयोग के सामने पहुंचा।
आवेदक की ओर से मांगी गई जानकारी बेसिक शिक्षा व्यवस्था से संबंधित थी। आवेदन में अतरौली क्षेत्र के स्कूलों के साथ विद्यार्थियों और अटैच शिक्षकों का विवरण मांगा गया था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में आवेदन के प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत उल्लेख नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कितने स्कूलों या किस अवधि से संबंधित विवरण मांगा गया था। मामले का मुख्य विषय आरटीआई के माध्यम से मांगी गई सूचना समय पर उपलब्ध नहीं कराया जाना है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के जन सूचना अधिकारी की भूमिका इस प्रकरण में केंद्र में है। सूचना नहीं मिलने पर आवेदक का मामला राज्य सूचना आयोग तक पहुंचा। अब आयोग ने संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा है। आदेश में 24 सितंबर 2026 की तारीख तय की गई है। साथ ही इसे अंतिम अवसर बताया गया है। इससे अधिकारी के लिए आयोग के समक्ष निर्धारित तारीख पर उपस्थित होने का महत्व बढ़ गया है।
व्यक्तिगत उपस्थिति का आदेश मामले की सुनवाई में एक महत्वपूर्ण कदम है। आयोग के सामने अधिकारी की मौजूदगी से सूचना उपलब्ध कराने की स्थिति और आवेदन से जुड़े घटनाक्रम पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। हालांकि, उपलब्ध विवरण में आयोग द्वारा मांगे गए दस्तावेजों या स्पष्टीकरण के विस्तृत बिंदु नहीं बताए गए हैं। इसलिए यह कहना संभव नहीं है कि सुनवाई के लिए अधिकारी को किन अभिलेखों के साथ बुलाया गया है। स्पष्ट निर्देश व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का है।
स्कूलों से जुड़ी जानकारी स्थानीय लोगों के लिए शिक्षा व्यवस्था को समझने का माध्यम हो सकती है। विद्यार्थियों और शिक्षकों से संबंधित विवरण से विद्यालयों की स्थिति के अलग-अलग पहलुओं की जानकारी मिलती है। इस मामले में भी आवेदक ने स्कूलों, विद्यार्थियों और अटैच शिक्षकों का विवरण मांगा था। लेकिन आवेदन का उद्देश्य या उसके पीछे किसी विशेष शिकायत का उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं है। इसलिए इसे किसी अनियमितता की पुष्टि या आरोप से जोड़कर नहीं देखा जा सकता।
अटैच शिक्षकों से संबंधित जानकारी भी आवेदन का हिस्सा थी। हालांकि, किन शिक्षकों और किन विद्यालयों के बारे में प्रश्न किए गए थे, यह स्पष्ट नहीं है। उपलब्ध विवरण में शिक्षकों के नाम, उनकी संख्या या अटैचमेंट के स्थान नहीं बताए गए हैं। ऐसे में आवेदन में मांगी गई जानकारी का पूरा दायरा सामने नहीं आया है। सूचना उपलब्ध होने पर ही इस विषय से संबंधित वास्तविक विवरण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल विवाद उस जानकारी के समय पर नहीं मिलने को लेकर है।
आवेदक ने जानकारी हासिल करने के लिए आरटीआई का रास्ता अपनाया था। समय पर जवाब नहीं मिलने के बाद मामला राज्य सूचना आयोग पहुंचा। यह घटनाक्रम बताता है कि आवेदन के स्तर पर सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। हालांकि, आरटीआई आवेदन दाखिल करने की तारीख, कार्यालय की ओर से भेजे गए किसी जवाब और आयोग तक पहुंचने से पहले की कार्यवाही का विवरण उपलब्ध नहीं है। इन तथ्यों के बिना मामले की पूरी समयरेखा प्रस्तुत करना संभव नहीं है।
आयोग का अंतिम अवसर देने वाला आदेश जन सूचना अधिकारी के लिए जवाबदेही का महत्वपूर्ण चरण है। अधिकारी को अब निर्धारित तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना है। उपलब्ध जानकारी में किसी आर्थिक दंड या अन्य दंडात्मक कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है। इसलिए अभी जुर्माना लगाए जाने का दावा नहीं किया जा सकता। इस समय सामने आया आदेश उपस्थिति से संबंधित है। आगे की कार्यवाही और किसी अन्य निर्णय के बारे में आयोग की सुनवाई के बाद ही स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
यह मामला शिक्षा विभाग के अभिलेखों तक जानकारी मांगने वाले व्यक्ति की पहुंच से जुड़ा है। आरटीआई आवेदन में पूछे गए प्रश्नों और कार्यालय के पास उपलब्ध विवरण के बीच सूचना देने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। यहां समय पर जानकारी नहीं मिलने के कारण आवेदक को आयोग तक जाना पड़ा। हालांकि, देरी का कारण सामने नहीं आया है। इसे अभिलेखों की अनुपलब्धता, कार्यालयीय प्रक्रिया या किसी अन्य वजह से जोड़ना अभी अनुमान होगा। अधिकारी का पक्ष सामने आने पर इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
अतरौली क्षेत्र के स्कूलों से संबंधित इस प्रकरण में अब 24 सितंबर 2026 की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। राज्य सूचना आयोग ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के जन सूचना अधिकारी को अंतिम मौका देते हुए व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। आवेदक ने स्कूलों, विद्यार्थियों और अटैच शिक्षकों की जानकारी मांगी थी, जो समय पर नहीं मिली। अब अधिकारी की उपस्थिति और मामले में आगे होने वाली कार्यवाही से यह स्पष्ट होगा कि मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने की स्थिति क्या है और प्रकरण किस दिशा में आगे बढ़ता है।





