उत्तर प्रदेश

स्कूल मामलों में लापरवाही नहीं हर शिकायत की जांच करेंगे जिलाधिकारी

Ratna Netam
19 Aug 2026 9:04 PM IST
स्कूल मामलों में लापरवाही नहीं हर शिकायत की जांच करेंगे जिलाधिकारी
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उत्तर प्रदेश : स्कूलों की व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश सरकार ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि स्कूलों से जुड़ी किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उसकी तत्काल जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। साथ ही सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली गलत सूचनाओं का भी तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब प्रदेश के कुछ हिस्सों में छात्रों से जुड़े प्रदर्शन और स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर आवाजें उठ रही हैं। सरकार ने साफ किया है कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।
सभी शिकायतों की होगी जांच
मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि सोशल मीडिया, मीडिया या किसी अन्य माध्यम से मिलने वाली स्कूल संबंधी शिकायतों की तुरंत जांच कराई जाए। जिलाधिकारी इसकी प्रमाणिक स्थिति सामने रखेंगे और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश देंगे।
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिकायतों को नजरअंदाज न किया जाए, क्योंकि कई बार छोटी समस्याएं समय पर समाधान नहीं होने के कारण बड़ी परेशानी बन जाती हैं।
गलत सूचना फैलाने वालों पर नजर
सरकार ने सोशल मीडिया पर स्कूलों से जुड़ी भ्रामक या गलत जानकारी फैलाने वालों पर भी नजर रखने को कहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि जानबूझकर गलत सूचना फैलाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट या हैंडल सामने आते हैं तो उनका तथ्यात्मक खंडन किया जाए।
प्रशासन का उद्देश्य है कि किसी भी गलत जानकारी के कारण छात्रों, अभिभावकों या आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति न बने।
स्कूलों में बेहतर सुविधाओं पर जोर
योगी सरकार ने कहा है कि प्रदेश के स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में **ऑपरेशन कायाकल्प** के तहत पेयजल, शौचालय, बिजली, ब्लैकबोर्ड, रसोईघर और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि स्कूल केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का स्थान हैं। इसलिए शिक्षा के साथ खेल, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी बेहतर माहौल तैयार किया जाना जरूरी है।
शिक्षकों की उपस्थिति और पढ़ाई पर निगरानी
जारी निर्देशों में अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि स्कूलों में शिक्षक नियमित रूप से उपस्थित रहें और पढ़ाई का माहौल बना रहे। विद्यार्थियों को समय पर किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
सरकार ने अधिकारियों से कहा है कि स्कूलों की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी कमी को स्थानीय स्तर पर जल्द दूर किया जाए।
बारिश के मौसम में विशेष सतर्कता
बारिश के मौसम को देखते हुए स्कूल परिसरों की साफ-सफाई और जलभराव की समस्या को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। विकासखंड स्तर पर टीम बनाकर स्कूल भवनों, शौचालयों, पेयजल व्यवस्था और बिजली उपकरणों की जांच कराने को कहा गया है।
यदि कहीं समस्या मिलती है तो उसे तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बच्चों को किसी तरह की परेशानी न हो।
छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
सरकार ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए हैं। इनमें महिला वार्डन की उपलब्धता, साफ पानी, भोजन की गुणवत्ता, शौचालय व्यवस्था और स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाओं की नियमित समीक्षा करने को कहा गया है।
महिला अधिकारियों से समय-समय पर इन विद्यालयों का निरीक्षण कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार और छात्रों के बीच संवाद पर जोर
योगी सरकार ने कहा है कि छात्रों और अभिभावकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखना जरूरी है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि स्कूलों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम किया जाए।
सरकार का मानना है कि सीधे संवाद से समस्याओं की पहचान जल्दी होती है और उनका समाधान भी प्रभावी तरीके से किया जा सकता है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर स्कूलों से जुड़ी कई खबरें तेजी से वायरल होती हैं। कई बार अधूरी जानकारी या गलत दावों के कारण प्रशासन और स्कूल व्यवस्था पर सवाल खड़े हो जाते हैं।
इसी को देखते हुए सरकार ने अधिकारियों को सक्रिय रहने और हर शिकायत की वास्तविकता जांचने के निर्देश दिए हैं।
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