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इंदौर : इंदौर-खंडवा नेशनल हाईवे के निर्माणाधीन तेजाजी नगर-बलवाड़ा पैकेज के काम में तेजी लाने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने बेहतर समन्वय और नियमित निगरानी पर जोर दिया है। एनएचएआई के सदस्य (प्रोजेक्ट) विपिनेश शर्मा ने 33.4 किलोमीटर लंबे इस निर्माणाधीन पैकेज का निरीक्षण किया और परियोजना के प्रमुख हिस्सों में चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान शर्मा ने हाईवे पैकेज के विभिन्न निर्माण स्थलों के साथ बन रही सुरंग का भी अवलोकन किया। उन्होंने सुरंग निर्माण की मौजूदा स्थिति, साइट पर चल रही अलग-अलग गतिविधियों और आगे की कार्ययोजना की समीक्षा की। परियोजना से जुड़े अधिकारियों और तकनीकी टीम को निर्माण कार्य व्यवस्थित तथा प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
विपिनेश शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि परियोजना के प्रत्येक हिस्से में निर्धारित तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन होना चाहिए। इसके साथ ही निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। काम की रफ्तार बढ़ाने के प्रयास में गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
निर्माणाधीन सुरंग का लिया जायजा
तेजाजी नगर-बलवाड़ा पैकेज के निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन सुरंग पर विशेष ध्यान दिया गया। शर्मा ने सुरंग के भीतर और आसपास चल रही विभिन्न निर्माण गतिविधियों की जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों ने उन्हें सुरंग निर्माण की प्रगति और साइट पर अपनाई जा रही कार्यप्रणाली के बारे में बताया।
सुरंग निर्माण तकनीकी रूप से जटिल कार्य माना जाता है। ऐसे कार्यों में मशीनरी, मानव संसाधन और निर्माण सामग्री के बीच बेहतर तालमेल के साथ सुरक्षा उपायों का पालन आवश्यक होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए शर्मा ने अधिकारियों को हर गतिविधि की लगातार निगरानी करने के लिए कहा।
उन्होंने निर्देश दिया कि सुरंग में काम करने वाले कर्मचारियों और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए तय मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। निर्माण के दौरान तकनीकी टीम द्वारा नियमित रूप से स्थिति की समीक्षा की जाए और किसी भी समस्या के सामने आने पर तत्काल उसका समाधान किया जाए। उन्होंने कार्यस्थल पर सभी जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की आवश्यकता भी बताई।
अधिकारियों के साथ प्रगति पर चर्चा
दौरे के दौरान एनएचएआई सदस्य ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माण की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की। उन्होंने अलग-अलग हिस्सों में चल रहे काम, उपलब्ध संसाधनों और निर्माण गतिविधियों के समन्वय की स्थिति की जानकारी ली।
शर्मा ने कहा कि परियोजना की गति बढ़ाने के लिए सभी संबंधित इकाइयों के बीच नियमित संवाद होना जरूरी है। तकनीकी अधिकारी, निर्माण एजेंसी और साइट पर काम करने वाली टीम आपसी तालमेल के साथ काम करें। किसी भी स्तर पर जानकारी या संसाधनों की कमी के कारण कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए।
अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि प्रत्येक निर्माण गतिविधि पहले से तय योजना के अनुसार आगे बढ़े। जिन कार्यों को एक-दूसरे के बाद पूरा किया जाना है, उनका क्रम स्पष्ट रखा जाए। एक हिस्से में होने वाली देरी का असर परियोजना के दूसरे हिस्सों पर न पड़े, इसके लिए लगातार समीक्षा करने पर जोर दिया गया।
संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर
निरीक्षण के दौरान उपलब्ध संसाधनों के उचित इस्तेमाल का विषय भी प्रमुखता से उठाया गया। शर्मा ने कहा कि निर्माण सामग्री, मशीनरी और मानव संसाधन का इस्तेमाल जरूरत और कार्ययोजना के अनुसार होना चाहिए। साइट पर मौजूद संसाधनों का सही तरीके से उपयोग होने पर काम की रफ्तार को बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने अधिकारियों से निर्माण स्थल की जरूरतों का नियमित आकलन करने को कहा। किसी हिस्से में मशीनरी या कर्मचारियों की कमी के कारण काम बाधित न हो, इसके लिए पहले से व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ऐसी स्थिति से बचने की जरूरत बताई गई, जिसमें संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद समन्वय की कमी से उनका पूरा उपयोग न हो सके।
परियोजना से जुड़े अलग-अलग कामों की प्राथमिकता तय करने पर भी जोर दिया गया। महत्वपूर्ण और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हिस्सों पर विशेष निगरानी रखने तथा उनकी प्रगति की नियमित रिपोर्ट तैयार करने की आवश्यकता बताई गई।
गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता नहीं
एनएचएआई सदस्य ने निर्माण की गति बढ़ाने के साथ गुणवत्ता को बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाईवे और सुरंग के प्रत्येक हिस्से का निर्माण तय तकनीकी मापदंडों के अनुसार होना चाहिए। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और काम की तकनीकी प्रक्रिया की नियमित जांच की जाए।
सुरंग और हाईवे निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया। कार्यस्थल पर श्रमिकों के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध हों और मशीनरी के संचालन में तय सावधानियां अपनाई जाएं। किसी भी जोखिम की स्थिति में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि किसी परियोजना की सफलता केवल समय पर निर्माण पूरा होने से तय नहीं होती, बल्कि उसकी गुणवत्ता और टिकाऊपन भी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए काम की गति, गुणवत्ता और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
लगातार समीक्षा से बढ़ेगी निर्माण की रफ्तार
तेजाजी नगर-बलवाड़ा पैकेज की प्रगति को लेकर नियमित समीक्षा की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि वे निर्माण की स्थिति पर लगातार नजर रखें और निर्धारित लक्ष्यों की तुलना में वास्तविक प्रगति का आकलन करते रहें।
यदि किसी हिस्से में काम धीमा पाया जाता है तो उसके कारणों की पहचान कर समय पर समाधान किया जाए। तकनीकी बाधा, संसाधनों की कमी या विभागीय समन्वय से जुड़ी समस्या को लंबित रखने के बजाय संबंधित स्तर पर तत्काल उठाया जाए।
निरीक्षण के माध्यम से एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि 33.4 किलोमीटर लंबे तेजाजी नगर-बलवाड़ा पैकेज के निर्माण को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाना प्राथमिकता है। बेहतर तालमेल, उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल और लगातार निगरानी के जरिए काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि निर्माण के प्रत्येक चरण में तकनीकी प्रक्रिया, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।





