उत्तर प्रदेश

एनएचए-आईआईटी कानपुर का बड़ा समझौता, अब डिजिटल हेल्थ में होगा ‘मेड इन इंडिया’ मॉडल

SHIDDHANT
24 Jan 2026 10:39 PM IST
एनएचए-आईआईटी कानपुर का बड़ा समझौता, अब डिजिटल हेल्थ में होगा ‘मेड इन इंडिया’ मॉडल
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Kanpur कानपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और आईआईटी कानपुर के बीच एक अहम एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया है। इसके तहत आईआईटी कानपुर में एक डिजिटल हेल्थ वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य हेल्थ सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सुरक्षित और भरोसेमंद उपयोग को बढ़ावा देना है।
नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल ने बताया कि इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य एआई मॉडल्स की टेस्टिंग के लिए एक ओपन बेंचमार्किंग प्लेटफॉर्म विकसित करना है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि हेल्थकेयर में इस्तेमाल होने वाले एआई मॉडल्स न सिर्फ विकसित हों, बल्कि उनकी प्रमाणिकता और उपयोगिता भी जांची जा सके, ताकि डॉक्टर और अस्पताल उन पर भरोसा कर सकें।
उन्होंने कहा कि आज एआई मॉडल बनाना आसान है, लेकिन वे अक्सर सीमित डेटा पर आधारित होते हैं। भारत जैसे विविध देश में किसी मॉडल की सटीकता बिना व्यापक टेस्टिंग के तय नहीं की जा सकती। इसी वजह से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत फेडरेटेड डेटा आर्किटेक्चर अपनाया जा रहा है, जिसमें डेटा को सेंट्रलाइज किए बिना, मरीज की सहमति और प्राइवेसी के साथ एआई टेस्टिंग की जा सकेगी।
डॉ. बर्नवाल ने बताया कि इस मिशन के तीन प्रमुख स्तंभ हैं: नागरिकों के लिए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (आभा) आईडी, अस्पतालों के लिए हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री, और डॉक्टरों के लिए हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री।इनके जरिए एक सत्यापित डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। साथ ही हेल्थ क्लेम एक्सचेंज के माध्यम से इंश्योरेंस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है, जिससे प्रीमियम का आकलन भी निष्पक्ष और सटीक होगा।
उन्होंने बताया कि बिहार इस दिशा में रोल मॉडल बनकर उभरा है, जहां मुख्यमंत्री डिजिटल स्वास्थ्य योजना के तहत सभी सरकारी अस्पतालों में मैन्युअल की जगह डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो रहे हैं। लक्ष्य यह है कि हर नागरिक अपने पिछले 10 वर्षों के इलाज और मेडिकल रिपोर्ट्स को एक क्लिक में देख सके। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से ऋतू महेश्वरी भी मौजूद रहीं और उन्होंने राज्य में डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से अपनाने की प्रतिबद्धता जताई।
उत्तर प्रदेश मेडिकल हेल्थ की सेक्रेटरी ऋतू महेश्वरी ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से उठाए गए महत्वपूर्ण कदम के तहत यूपी में एआई मिशन की घोषणा की गई है, जिसके लिए दो हजार करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। ये बड़ा प्रोग्रेसिव कदम है। प्रदेश में आगे जो डिजिटल गतिविधियां होंगी और विभिन्न सेक्टर में एआई के इस्तेमाल के लिए यह बड़ा कदम है। जहां तक स्वास्थ्य विभाग का क्षेत्र है, अभी हमने दो दिवसीय एक एआई इन हेल्थ कॉन्फ्रेंस भी कराई थी, जिसमें न केवल देश के बल्कि ग्लोबल एक्सपर्ट्स बुलाए थे। उसी कॉन्फ्रेंस की साइडलाइन में इस मिशन की घोषणा की गई।
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