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मैदा लदा ट्रक पुल की रेलिंग तोड़कर गंगा में गिरा, चालक और व्यापारी बचाए गए

कन्नौज : हरदोई-कन्नौज मार्ग पर रविवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया, जब मैदा से लदा एक ट्रक मेहंदी घाट पुल की रेलिंग तोड़ते हुए गंगा नदी में जा गिरा। हादसे के बाद ट्रक पानी में डूब गया। घाट पर मौजूद नाविकों की तत्परता से ट्रक चालक और मैदा व्यापारी की जान बचा ली गई, जबकि ट्रक का क्लीनर तेज बहाव में बह गया। उसकी तलाश के लिए एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें अभियान चला रही हैं।
जानकारी के अनुसार, हादसा रविवार सुबह करीब चार बजे सदर कोतवाली क्षेत्र के मेहंदी घाट पुल पर हुआ। बताया जा रहा है कि ट्रक चालक को वाहन चलाते समय झपकी आ गई, जिसके कारण ट्रक अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग से टकरा गया और रेलिंग तोड़ते हुए सीधे गंगा नदी में जा गिरा।
हादसे के समय ट्रक में करीब 22 टन मैदा लदा हुआ था। यह ट्रक हरदोई से औरैया जा रहा था। ट्रक में चालक के अलावा क्लीनर और मैदा व्यापारी भी मौजूद थे।
औरैया जिले के थाना बेला क्षेत्र के सहार निवासी संगीत उर्फ संजीव कुमार थोक में फ्लोर मिल से मैदा खरीदकर दुकानदारों को सप्लाई करने का काम करते हैं। शनिवार को वह हरदोई से ट्रक में मैदा लदवाकर औरैया के लिए रवाना हुए थे।
ट्रक को हरदोई जिले के थाना बिलग्राम क्षेत्र के गांव गुरौली निवासी श्रवण कुमार चला रहे थे। उनके साथ उनके पड़ोसी और 26 वर्षीय क्लीनर विनीत कुमार द्विवेदी पुत्र शिवकांत भी मौजूद थे।
रविवार सुबह जब ट्रक हरदोई-कन्नौज मार्ग पर सदर कोतवाली क्षेत्र के मेहंदी घाट पुल के बीच पहुंचा, तभी चालक को अचानक झपकी आ गई। इससे ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और वह तेजी से पुल की रेलिंग से जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि पुल की रेलिंग टूट गई और ट्रक नदी में जा गिरा।
ट्रक के गंगा में गिरते ही आसपास मौजूद नाविक तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और पानी में डूब रहे चालक श्रवण कुमार और मैदा व्यापारी संगीत उर्फ संजीव कुमार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
हालांकि, हादसे के दौरान क्लीनर विनीत कुमार तेज धारा में बह गया। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका। घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने एसडीआरएफ और जल पुलिस को मौके पर बुलाया। दोनों टीमें लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि नदी की तेज धारा और गहराई के कारण क्लीनर की तलाश में मुश्किलें आ रही हैं। गोताखोरों और बचाव दलों की मदद से आसपास के क्षेत्र में भी खोजबीन की जा रही है।
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत कार्यों की निगरानी की। ट्रक को नदी से बाहर निकालने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
हादसे के बाद मेहंदी घाट पुल की सुरक्षा को देखते हुए यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। क्षतिग्रस्त पुल से अब वाहनों को नियंत्रित गति से गुजरने की अनुमति दी गई है। प्रशासन ने पुल पर वाहनों की रफ्तार करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित कर दी है, ताकि किसी अन्य दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह के समय पुल पर यह हादसा अचानक हुआ, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। नाविकों की तत्परता से दो लोगों की जान बच सकी।
पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में चालक को झपकी आने की बात सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी घटना की जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
यह हादसा एक बार फिर लंबी दूरी के वाहन चालकों के लिए सावधानी और पर्याप्त आराम की जरूरत को सामने लाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि थकान और नींद की कमी के कारण अक्सर सड़क हादसे होते हैं, जिनमें लोगों की जान तक चली जाती है।





