उत्तर प्रदेश

हत्याकांड में नया मोड़ शालू के परिजनों ने उठाए जांच पर सवाल

Ratna Netam
10 Sept 2026 8:35 PM IST
हत्याकांड में नया मोड़ शालू के परिजनों ने उठाए जांच पर सवाल
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कानपुर। करोड़पति दवा कारोबारी **विनीत मिनोचा हत्याकांड** में गिरफ्तार बहू शालू के बचाव में अब उसका मायका खुलकर सामने आ गया है। शालू के भाई **धीरज अरोड़ा** और बहन **सोनिया मेहरोत्रा** ने उसे निर्दोष बताते हुए पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि शालू का स्वभाव बेहद शांत था और उसके अपने ससुर से अच्छे संबंध थे। भाई धीरज ने कहा कि जो लड़की “एक चींटी तक नहीं मार सकती”, वह अपने ससुर की हत्या की साजिश कैसे रच सकती है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब पुलिस शालू को हत्याकांड की कथित मुख्य साजिशकर्ता बता रही है। जांच एजेंसियों का दावा है कि विनीत मिनोचा की हत्या के लिए छह लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी और वारदात को अंजाम देने वालों में पूर्व कर्मचारी विशाल तथा उसका साथी शामिल थे। पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड और पूछताछ के आधार पर शालू की भूमिका का दावा किया है, लेकिन मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया में है और आरोप अदालत में साबित होना बाकी हैं।
पांच दिन बाद सामने आया शालू का परिवार
हत्याकांड के बाद शालू की गिरफ्तारी से अब तक परिवार सार्वजनिक रूप से ज्यादा कुछ नहीं बोल रहा था। लेकिन पांचवें दिन उसके मायके वाले सामने आए और खुलकर उसका बचाव किया।
शालू के भाई धीरज अरोड़ा ने बताया कि वह अपनी बहन से जेल में दो बार मिल चुके हैं। उनके मुताबिक शालू लगातार अपने पति सुब्रत और बेटे श्रीजय के बारे में पूछ रही है। वह यह उम्मीद भी कर रही है कि उसका पति उससे जेल में मिलने आएगा, लेकिन अभी तक सुब्रत उससे मिलने नहीं गया है।
धीरज का कहना है कि उनकी बहन परिवार को साथ लेकर चलने वाली महिला है और वह एक अच्छी बहू, पत्नी और मां की भूमिका निभा रही थी।
उन्होंने दावा किया कि शालू और विनीत मिनोचा के रिश्ते सामान्य और अच्छे थे। विनीत को शुगर की समस्या थी और शालू उनका ध्यान रखती थी।
कम पैसे मिलने की बात भी परिवार ने नकारी
पुलिस जांच से जुड़ी कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि परिवार में आर्थिक नियंत्रण को लेकर शालू नाराज रहती थी। यह भी कहा गया कि करोड़ों रुपये का कारोबार होने के बावजूद उसके और पति के खर्चों पर विनीत मिनोचा का नियंत्रण रहता था।
लेकिन शालू की बहन सोनिया मेहरोत्रा ने इस दावे को खारिज किया है।
सोनिया का कहना है कि शालू को खर्च के लिए पैसे मिलते थे और अगर वे खत्म हो जाते थे तो मांगने पर और पैसे दे दिए जाते थे। परिवार का दावा है कि उस पर किसी तरह की ऐसी आर्थिक पाबंदी नहीं थी, जैसी जांच से जुड़ी रिपोर्टों में बताई जा रही है।
यही वजह है कि मायके वालों ने पुलिस द्वारा बताई जा रही कथित हत्या की वजह पर भी सवाल उठाए हैं।
CCTV कैमरों को लेकर भी दी सफाई
इस हत्याकांड में घर में लगे CCTV कैमरे भी महत्वपूर्ण कड़ी बने हैं।
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि शालू घर में कैमरे लगाए जाने से नाराज थी और उसे लगता था कि ससुर उसकी गतिविधियों पर नजर रखते हैं।
लेकिन शालू के भाई ने इस कहानी का अलग पक्ष रखा है।
धीरज के मुताबिक शालू ने परिवार को बताया था कि उसके बच्चे को स्कूल लाने-ले जाने के दौरान घर में कई बार कोई नहीं रहता था। इसी कारण ससुर ने CCTV कैमरे लगवाए थे। मायके वाले इसे सामान्य सुरक्षा व्यवस्था के तौर पर बता रहे हैं, न कि शालू की निगरानी के लिए उठाए गए कदम के रूप में।
विशाल के साथ बातचीत पर क्या बोले परिजन?
पुलिस के मुताबिक पूर्व कर्मचारी विशाल और शालू के बीच वारदात से पहले कई बार फोन पर बातचीत हुई थी। इसी कॉल डिटेल को पुलिस अपनी जांच की महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक बता रही है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक दोनों के बीच करीब 14 बार बातचीत का रिकॉर्ड मिला।
शालू के भाई ने इस पर भी सफाई दी।
धीरज का कहना है कि विशाल का नंबर खुद शालू के पति सुब्रत ने उसे दिया था। उनके मुताबिक सुब्रत ने कहा था कि घर का कोई छोटा-मोटा काम होने पर विशाल की मदद ली जा सकती है।
परिवार का दावा है कि शालू विशाल को केवल घरेलू काम के सिलसिले में फोन करती थी।
धीरज ने यह सवाल भी उठाया कि विशाल ने पूछताछ में शालू का नाम आखिर क्यों लिया। उन्होंने कहा कि इसका जवाब पुलिस को देना चाहिए।
पुलिस की थ्योरी क्या है?
दूसरी तरफ पुलिस की कहानी इससे बिल्कुल अलग है।
पुलिस के मुताबिक 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या उनके फ्लैट में की गई। जांच में पूर्व कर्मचारी विशाल और उसके साथी की भूमिका सामने आई। CCTV फुटेज में संदिग्धों की गतिविधियां दर्ज होने की बात कही गई है।
पुलिस का दावा है कि हत्या के लिए छह लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी। दो लाख रुपये वारदात के बाद और बाकी रकम बाद में देने की बात कथित तौर पर तय हुई थी।
जांच से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक हमलावर पहले विनीत की मौत को प्राकृतिक या हार्ट अटैक जैसा दिखाना चाहते थे। लेकिन परिस्थितियां बदलने के बाद उन पर चाकू से हमला किया गया। पोस्टमार्टम और घटनास्थल से मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला आगे बढ़ाया।
तीन प्लान बनाने का भी दावा
जांच से जुड़ी एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि वारदात को अंजाम देने के लिए अलग-अलग योजनाएं बनाई गई थीं और हत्या की तैयारी कई महीनों से चल रही थी। रिपोर्ट में इसे प्लान A, B और C के रूप में बताया गया है।
हालांकि यह पुलिस जांच और आरोपियों से पूछताछ पर आधारित दावा है। अदालत में अभी इन तथ्यों की अंतिम पुष्टि होना बाकी है।
मायके वालों का कहना है कि ऐसे दावों के बावजूद उनकी बहन को दोषी मान लेना जल्दबाजी होगी।
पार्टी में डांस का वीडियो बना चर्चा का विषय
मामले में एक वीडियो ने भी काफी सुर्खियां बटोरी हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक जिस समय विनीत मिनोचा की हत्या हो रही थी, उसी दौरान शालू एक पार्टी में मौजूद थी और डांस कर रही थी। पुलिस को शक है कि पार्टी में मौजूदगी कथित तौर पर अपने लिए अलिबी बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है।
हालांकि केवल पार्टी में मौजूद होना अपने आप में हत्या की साजिश साबित नहीं करता। पुलिस इसे कॉल रिकॉर्ड, आरोपियों के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ जोड़कर देख रही है।
शालू का परिवार इस पूरी कहानी को स्वीकार नहीं कर रहा।
2020 में हुई थी शालू और सुब्रत की शादी
शालू के भाई ने परिवार से जुड़ी जानकारी देते हुए बताया कि शालू दो बहनों में छोटी है और उसकी शादी **23 नवंबर 2020** को सुब्रत के साथ नैनीताल में हुई थी।
विवाह के बाद वह अपने पति और ससुर के साथ रह रही थी। परिवार का कहना है कि लंबे समय तक ऐसा कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया जिससे यह लगे कि वह अपने ससुर के खिलाफ इतनी गंभीर साजिश रच सकती है।
इसी आधार पर मायके वाले हत्या के आरोपों पर संदेह जता रहे हैं।
पति सुब्रत की भूमिका पर अभी स्थिति अलग
मामले में विनीत मिनोचा के बेटे सुब्रत की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं।
अब तक की रिपोर्टों में पुलिस ने सुब्रत को इस हत्या की साजिश का आरोपी घोषित नहीं किया है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि उसकी भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है, लेकिन उसके खिलाफ हत्या की साजिश में शामिल होने का ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
शालू का परिवार इसी बीच यह भी बता रहा है कि जेल में वह बार-बार अपने पति के बारे में पूछ रही है।
इससे मामले में परिवार के भीतर पैदा हुई दूरी भी अब चर्चा का विषय बन गई है।
पुलिस का दावा और परिवार का दावा आमने-सामने
विनीत मिनोचा हत्याकांड अब दो बिल्कुल विपरीत दावों के बीच खड़ा दिखाई दे रहा है।
एक तरफ पुलिस है, जो कॉल डिटेल, आरोपियों से पूछताछ, CCTV और कथित सुपारी के आधार पर शालू को साजिश का अहम हिस्सा बता रही है।
दूसरी तरफ शालू का परिवार है, जो उसके स्वभाव, ससुर से संबंध, घर की आर्थिक स्थिति और विशाल के साथ फोन संपर्क को लेकर अलग कहानी बता रहा है।
परिवार का साफ कहना है कि केवल किसी आरोपी के बयान के आधार पर शालू को दोषी नहीं माना जा सकता।
अंतिम फैसला अदालत में
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शालू फिलहाल **आरोपी** है, दोषी साबित नहीं हुई है।
पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, कथित सुपारी और अन्य सबूत अदालत में पेश किए जाएंगे। दूसरी तरफ बचाव पक्ष को भी अपना पक्ष रखने और पुलिस की थ्योरी को चुनौती देने का पूरा अधिकार होगा।
परिवार का ताजा बयान इस मामले में नया मोड़ इसलिए है क्योंकि अब तक चर्चा मुख्य रूप से पुलिस की जांच और खुलासों पर केंद्रित थी। पहली बार शालू के मायके वालों ने विस्तार से सामने आकर उसकी जिंदगी और रिश्तों का दूसरा पक्ष रखा है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस परिवार द्वारा उठाए गए सवालों का क्या जवाब देती है और जांच में आगे कौन से नए साक्ष्य सामने आते हैं।
फिलहाल विनीत मिनोचा की हत्या का मामला केवल सनसनीखेज आरोपों तक सीमित नहीं है। एक तरफ हत्या की गंभीर वारदात है, दूसरी ओर गिरफ्तार महिला का परिवार न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। सच किस पक्ष के करीब है, इसका अंतिम निर्णय अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया से ही होगा।
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