उत्तर प्रदेश

चुनावी माहौल में सिंबल के प्रचार का नया ट्रेंड, इस तरह कर रहे प्रचार

Admin Delhi 1
25 April 2023 3:30 PM GMT
चुनावी माहौल में सिंबल के प्रचार का नया ट्रेंड, इस तरह कर रहे प्रचार
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प्रतापगढ़ न्यूज़: चुनाव कोई भी हो निर्दल प्रत्याशियों को देखने का वोटरों का नजरिया अलहदा होता है. नगर निकाय के चुनावी सिंबल प्रचार के शुरुआती दौर में निर्दल प्रत्याशियों की पहचान को औरों से अलग कर रहे हैं. आस्था, शौर्य, अविष्कार, राष्ट्रभक्ति और कृषि से जुड़े चुनावी सिंबल के प्रचार के नए ट्रेंड से खुद की दावेदारी को मजबूती दे रहे हैं. प्रत्याशी कहीं खुद तो कहीं समर्थक कलाकारों के जरिए खुद के सिंबल को आकर्षक तरीके से वोटरों के बीच पहुंचाकर समर्थन हासिल करने की जुगत में हैं.

प्रदेश में निकाय चुनाव की घोषणा के बाद से निर्दल प्रत्याशियों ने चुनावी गुणा-गणित का तानाबाना बुनना शुरू कर दिया था. चुनावी सिंबल मिलने के बाद से अब प्रचार का नया ट्रेंड मार्केट में लेकर आए हैं. इसके जरिए वोटरों को साधने की मुहिम जोरों पर हैं. पौराणिक और धार्मिक सिंबल पाने वाले प्रत्याशी वोटरों को उनके महत्व और अपने चुनावी सिंबल को प्रबल बता रहे हैं. वहीं, सामाजिक सरोकार, अविष्कार, देश भक्ति व किसान से जुड़े सिंबल को भी भुनाने की होड़ मची है.

फसल काटता किसान, हल, अलाव आदि सिंबल

ऐसे चुनाव चिह्न के प्रत्याशी खासकर नगर पंचायतों में खुद के सिंबल को बेहद उपयोगी बता रहे हैं. किसानों से जुड़े सिंबल होने के नाते खुद को इनका हितैषी बताने की मुहिम चल रही है. कई प्रत्याशी तो गुम हो चुके हल के प्रतीक को कंधे पर वोटरों के बीच पहुंच रहे हैं.

लड़का-लड़की, चिड़िया का घोसला व अन्य सिंबल

ऐसे सिंबल के प्रत्याशी खुद को सामाजिक सरोकारों का हितैशी बताने में जुटे हैं. चुनाव चिह्न की उपयोगिता और उसके इतिहास के महत्व को बताकर वोटरों के करीब होने की मुहिम छेड़ी है. वृक्ष और सुराही चिह्न पाने वाले प्रत्याशी ग्लोबल वार्मिंग के नुकसान में इसे उपयोगी बता रहे हैं.

किताब, कलम-दवात, पेंसिल, स्कूल बैग सहित अन्य सिंबल

ऐसे सिंबल के प्रत्याशी खुद को शिक्षा के क्षेत्र का बड़ा रहनुमा बताकर विकास का दावा कर रहे हैं. वोटरों के बीच पहुंच रहे प्रत्याशी वास्तविक चुनावी चिह्न के साथ खूबियां और उपयोग बताकर लुभाने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं. स्कूल बैग वाले प्रत्याशियों का पहुंचना वोटरों के लिए आकर्षण बना है.

शंख, चक्र, गदा, त्रिशूल, तलवार सहित अन्य सिंबल

ऐसे सिंबल पाने वाले प्रत्याशी वोटरों के बीच वास्तविक चुनाव चिह्न लेकर पहुंच रहे हैं. कोई शंख से शंखनाद कर रहा है तो गदा, त्रिशूल, तलवार भांज कर अपना इसके ईष्ट की दुहाई देकर वोटरों को लुभा रहे हैं.

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