उत्तर प्रदेश

छात्र समस्याओं के समाधान को नई व्यवस्था

Kavita2
21 Sept 2026 5:33 PM IST
छात्र समस्याओं के समाधान को नई व्यवस्था
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जौनपुर। विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र शिकायत निवारण समिति का गठन किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य है कि छात्रों की शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जा सके और उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक स्पष्ट व्यवस्था उपलब्ध हो।

कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह की पहल पर गठित यह समिति विद्यार्थियों की शिकायतों पर संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करेगी और समाधान की प्रक्रिया की निगरानी भी करेगी।

छात्रों को मिलेगा शिकायत समाधान का मंच

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि नई समिति के गठन से विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक, प्रशासनिक और अन्य समस्याओं को रखने के लिए एक संस्थागत मंच मिलेगा।

अब छात्र अपनी समस्याओं को समिति के सामने रख सकेंगे। समिति शिकायतों को संबंधित विभागों तक पहुंचाएगी और उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी और छात्रों को बार-बार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

कुलपति ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लिया

बताया गया कि पिछले दिनों विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह से मुलाकात कर अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया था।

कुलपति ने छात्रों की बातों को गंभीरता से सुना और उनकी समस्याओं के जल्द समाधान का भरोसा दिया था। इसके बाद शिकायतों के प्रभावी और पारदर्शी निस्तारण के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छात्रों की समस्याओं को प्राथमिकता देना उसकी जिम्मेदारी है और इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

डीएसडब्ल्यू प्रो. पीके यादव को मिली जिम्मेदारी

विश्वविद्यालय की ओर से गठित छात्र शिकायत निवारण समिति में डीएसडब्ल्यू प्रो. पीके यादव को अध्यक्ष एवं समन्वयक बनाया गया है।

उनकी जिम्मेदारी होगी कि छात्रों से प्राप्त शिकायतों को व्यवस्थित रूप से दर्ज किया जाए और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर उनका समाधान कराया जाए।

समिति शिकायतों की प्रगति पर भी नजर रखेगी, ताकि लंबित मामलों का समय पर निपटारा हो सके।

समयबद्ध और पारदर्शी व्यवस्था पर जोर

विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि समिति का मुख्य उद्देश्य शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाना है।

कई बार विद्यार्थियों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। नई व्यवस्था के माध्यम से ऐसी समस्याओं को जल्द हल करने का प्रयास किया जाएगा।

समिति यह सुनिश्चित करेगी कि छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और संबंधित विभाग तय समय के भीतर आवश्यक कार्रवाई करें।

छात्र हितों को प्राथमिकता

कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने छात्र हितों को प्राथमिकता देने की बात कही है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए छात्रों की समस्याओं का समाधान जरूरी है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा और संतुष्टि के लिए प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है।

विश्वविद्यालय में संवाद व्यवस्था होगी मजबूत

छात्र शिकायत निवारण समिति के गठन से विश्वविद्यालय प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच संवाद और बेहतर होने की उम्मीद है।

समिति न केवल शिकायतों का समाधान करेगी, बल्कि छात्रों की समस्याओं और सुझावों को प्रशासन तक पहुंचाने का माध्यम भी बनेगी।

विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं भी मिलें।

आगे की कार्रवाई पर नजर

नई समिति के गठन के बाद अब विद्यार्थियों की शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू होगी। छात्रों को उम्मीद है कि इससे उनकी समस्याओं का समाधान पहले की तुलना में अधिक तेजी और प्रभावी तरीके से हो सकेगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। छात्र शिकायत निवारण समिति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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