- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- रामलला के VIP दर्शन पर...

अयोध्या: स्थित राम मंदिर में रामलला के दर्शन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने वीआईपी और विशेष दर्शन पास जारी करने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। ट्रस्ट ने विशेष दर्शन पास के लिए इस्तेमाल होने वाली कुछ रेफरेंस आईडी को फिलहाल निलंबित कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्र और गोपाल राव की रेफरेंस आईडी फिलहाल सक्रिय नहीं हैं। इसके चलते इन माध्यमों से विशेष दर्शन पास जारी नहीं किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि नई रेफरेंस आईडी अभी तक जारी नहीं हुई हैं।
ट्रस्ट की नई व्यवस्था लागू होने तक पहले से जारी किए गए विशेष दर्शन पास को वैध माना जा रहा है। नई आईडी बनने के बाद ही वीआईपी दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया दोबारा सामान्य होने की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन माध्यम से मिलने वाले सामान्य दर्शन पास पहले की तरह उपलब्ध हैं। वहीं आरक्षित श्रेणी के पास अब केवल ट्रस्टियों के अधिकृत रेफरेंस के आधार पर ही जारी किए जा रहे हैं। ट्रस्ट का उद्देश्य विशेष दर्शन पास की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाना बताया जा रहा है।
जिला प्रशासन के लिए आरक्षित पास अधिकारियों के रेफरेंस से जारी किए जा रहे हैं। हालांकि, नई व्यवस्था पूरी तरह लागू होने तक वीआईपी पास जारी करने की प्रक्रिया सीमित रहेगी।
रामलला आरती दर्शन पास 23 जुलाई तक फुल
रामलला के आरती दर्शन और विशेष दर्शन पास की मांग लगातार बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, रामलला और परिवार आरती दर्शन के पास 23 जुलाई तक पूरी तरह बुक हैं। वहीं सुगम दर्शन पास भी 21 जुलाई तक उपलब्ध नहीं हैं। 22 और 23 जुलाई को कुछ समय स्लॉट में सुगम दर्शन के पास उपलब्ध हैं। 22 जुलाई को दोपहर एक से तीन बजे के स्लॉट में 30 पास, तीन से पांच बजे में 35 पास, शाम पांच से सात बजे में 17 पास और रात सात से नौ बजे के स्लॉट में 43 पास खाली हैं। इसी तरह 23 जुलाई को सुबह सात से नौ बजे के बीच छह पास, सुबह नौ से 11 बजे तक 69 पास और 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक 36 पास उपलब्ध हैं। इसके अलावा दोपहर एक से तीन बजे के बीच 80, तीन से पांच बजे में 83, शाम पांच से सात बजे में 65 और रात सात से नौ बजे तक 48 पास खाली हैं।
चढ़ावा चोरी मामले के बाद बढ़ी सख्ती
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के सामने आने के बाद ट्रस्ट ने व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं। मंदिर में आने वाले दान और दर्शन व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है। इस बीच मंदिर के पुजारियों और कर्मचारियों के वेतन को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, राम मंदिर में कार्यरत पुजारियों को अनुभव और जिम्मेदारी के आधार पर करीब 33 हजार से 38 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। मंदिर में करीब 20 पुजारी सेवाएं दे रहे हैं। पुराने पुजारियों का वेतन नए नियुक्त पुजारियों की तुलना में थोड़ा अलग है और इसमें बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी बताया जा रहा है। पुजारियों के रहने और भोजन की व्यवस्था मंदिर परिसर में ही की जाती है। इसके अलावा उन्हें चिकित्सा सुविधा और साप्ताहिक अवकाश जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। मंदिर में काम करने वाले सेवादारों, भंडारी और स्टोर प्रबंधकों को पद और अनुभव के आधार पर वेतन दिया जाता है। इनका वेतन करीब 19 हजार से 24 हजार रुपये तक बताया गया है। वहीं चढ़ावे की गिनती और अन्य जिम्मेदारियों से जुड़े कर्मचारियों को लगभग 20 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है।
राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से दर्शन व्यवस्था में किए गए इस बदलाव को सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।





