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वृद्धावस्था पेंशन की नई व्यवस्था लागू खातों में आने लगे 3000 रुपये

बाराबंकी। वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों के लिए भुगतान की नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके तहत पात्र बुजुर्गों को तीन महीने के लिए मिलने वाली कुल 3000 रुपये की पेंशन राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। नई प्रणाली के अंतर्गत यह राशि दो बराबर किस्तों में हस्तांतरित की जाएगी। कुल 1.19 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में पेंशन की राशि पहुंचने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
नई व्यवस्था से पेंशन भुगतान को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है। डीबीटी प्रणाली के माध्यम से राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजे जाने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है। इसके साथ ही पात्र बुजुर्गों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने या नकद भुगतान की प्रतीक्षा करने की जरूरत नहीं पड़ती। बैंक खाता सक्रिय और योजना से जुड़ा होने पर पेंशन राशि सीधे लाभार्थी तक पहुंच सकेगी।
वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत लाभार्थियों को प्रति माह 1000 रुपये के हिसाब से तीन महीने की कुल 3000 रुपये की राशि दी जाती है। अब इस त्रैमासिक राशि को डीबीटी के माध्यम से दो किस्तों में भेजने की व्यवस्था की गई है। विभागीय स्तर पर लाभार्थियों के खातों में भुगतान शुरू होने से बड़ी संख्या में बुजुर्गों को आर्थिक सहायता मिलने लगी है।
पेंशन में केंद्र और राज्य सरकार के योगदान का निर्धारण लाभार्थियों की उम्र के आधार पर किया गया है। 80 वर्ष या इससे अधिक उम्र के लाभार्थियों को मिलने वाली 3000 रुपये की त्रैमासिक पेंशन में केंद्र और राज्य सरकार की बराबर हिस्सेदारी रहेगी। केंद्र सरकार की ओर से 1500 रुपये और राज्य सरकार की ओर से भी 1500 रुपये का योगदान दिया जाएगा।
वहीं, 80 वर्ष से कम आयु वाले पात्र लाभार्थियों को मिलने वाली 3000 रुपये की पेंशन में राज्य सरकार का हिस्सा अधिक रहेगा। इस श्रेणी के प्रत्येक लाभार्थी के लिए राज्य सरकार 2400 रुपये देगी, जबकि केंद्र सरकार की ओर से 600 रुपये का योगदान किया जाएगा। इस तरह दोनों सरकारों के हिस्से को मिलाकर लाभार्थी को तीन महीने के लिए कुल 3000 रुपये प्राप्त होंगे।
नई व्यवस्था के तहत धनराशि सीधे खातों में पहुंचने के कारण लाभार्थियों को भुगतान की जानकारी अपने बैंक से मिल सकेगी। पेंशनधारक बैंक की शाखा, एटीएम, पासबुक अपडेट, मोबाइल बैंकिंग अथवा बैंक मित्र के माध्यम से खाते में आई रकम की पुष्टि कर सकते हैं। जिन लाभार्थियों का मोबाइल नंबर खाते से जुड़ा है, उन्हें बैंक की ओर से एसएमएस के माध्यम से भी लेनदेन की सूचना मिल सकती है।
कुल 1.19 लाख वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों की बड़ी संख्या को देखते हुए राशि हस्तांतरण की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी होने की संभावना है। ऐसे में सभी खातों में एक ही समय पर धनराशि दिखाई देना जरूरी नहीं है। कुछ लाभार्थियों को राशि पहले और कुछ को बैंक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिल सकती है। पेंशनधारकों को खाते की स्थिति नियमित रूप से जांचते रहने की सलाह दी जा सकती है।
जिन लाभार्थियों के खातों में पेंशन नहीं पहुंचती है, उनके लिए बैंक खाते की सक्रियता, आधार से जुड़ाव और व्यक्तिगत विवरण का सही होना महत्वपूर्ण है। नाम, जन्मतिथि, बैंक खाता संख्या या आईएफएससी कोड में अंतर होने पर भुगतान रुक सकता है। खाता बंद होने, निष्क्रिय होने या आधार प्रमाणीकरण पूरा नहीं होने की स्थिति में भी डीबीटी के जरिए रकम भेजने में समस्या आ सकती है।
ऐसी स्थिति में लाभार्थियों को संबंधित समाज कल्याण विभाग, स्थानीय निकाय अथवा अधिकृत सहायता केंद्र से संपर्क कर अपने विवरण की जांच करानी होगी। बैंक पासबुक, आधार कार्ड, पेंशन पहचान संबंधी दस्तावेज और मोबाइल नंबर साथ रखने से त्रुटि सुधारने में सुविधा मिल सकती है। हालांकि लाभार्थियों को किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते, ओटीपी या एटीएम से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
वृद्धावस्था पेंशन बुजुर्गों के लिए नियमित आर्थिक सहायता का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उम्र बढ़ने के साथ काम करने की क्षमता कम होने और दवा, भोजन तथा दूसरी आवश्यकताओं पर खर्च बढ़ने के कारण पेंशन की रकम लाभार्थियों को राहत देती है। विशेष रूप से ऐसे बुजुर्गों के लिए यह सहायता अहम है, जिनके पास आय का कोई नियमित स्रोत नहीं है।
नई किस्त प्रणाली में केंद्र और राज्य सरकार का अंश स्पष्ट होने से भुगतान व्यवस्था को समझना भी आसान होगा। 80 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की पेंशन में दोनों सरकारें समान राशि देंगी, जबकि 80 वर्ष से कम उम्र के लाभार्थियों के लिए राज्य सरकार कुल राशि का बड़ा हिस्सा वहन करेगी। लाभार्थियों को मिलने वाली कुल त्रैमासिक रकम दोनों श्रेणियों में 3000 रुपये ही रहेगी।
फिलहाल 1.19 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में पेंशन भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सभी पात्र बुजुर्गों तक राशि पहुंचने के बाद भुगतान का पूरा आंकड़ा स्पष्ट होगा। नई डीबीटी व्यवस्था से समय पर पेंशन मिलने के साथ भुगतान में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।





