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मेरठ में कांवड़ रूट पर नई व्यवस्था, शहर की एक लेन सिर्फ कांवड़ियों के नाम

मेरठ : पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रियों की बढ़ती संख्या और यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मेरठ प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कांवड़ यात्रा 2026 के मद्देनजर यात्रियों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए मेरठ में रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो के कई स्टेशनों पर अस्थायी बदलाव किए गए हैं। प्रशासन ने चार अगस्त से 12 अगस्त तक रैपिड और मेट्रो के 17 स्टेशनों के 20 पार्किंग स्थलों और कुछ प्रवेश-निकास द्वारों को बंद रखने का निर्णय लिया है।
एनसीआरटीसी की ओर से इस संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी कर यात्रियों से सहयोग की अपील की गई है। अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है, जिसके कारण सुरक्षा जांच और भीड़ प्रबंधन के लिए यह कदम उठाया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे स्टेशन के मुख्य द्वार बंद होने की स्थिति में वैकल्पिक प्रवेश और निकास द्वारों का इस्तेमाल करें।
एनसीआरटीसी ने यात्रियों से यह भी अपील की है कि वे अपने निजी वाहनों को स्टेशन परिसर में पार्क करने से बचें। यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन या अन्य वैकल्पिक साधनों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा है कि यात्रा के दौरान अतिरिक्त भीड़ और सुरक्षा जांच के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए सामान्य से अधिक समय लेकर निकलना चाहिए।
रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो की सेवाएं अपने निर्धारित समय के अनुसार जारी रहेंगी। यात्रियों को सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक सुविधा मिलती रहेगी। मोदीपुरम से दिल्ली के सराय काले खां तक रैपिड रेल और मोदीपुरम से मेरठ साउथ तक मेरठ मेट्रो सेवा हर आठ मिनट के अंतराल पर उपलब्ध रहेगी।
जिन स्टेशनों पर पार्किंग, प्रवेश या निकास व्यवस्था में बदलाव किया गया है, उनमें मोदीपुरम, मेरठ नॉर्थ, एमईएस कॉलोनी, बेगमपुल, भैसाली, मेरठ सेंट्रल, ब्रह्मपुरी, शताब्दी नगर, रिठानी, परतापुर, मेरठ साउथ, मोदीनगर नॉर्थ, मोदीनगर साउथ, मुरादनगर, दुहाई, गुलधर और गाजियाबाद स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों के कुछ गेटों को सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से बंद किया गया है।
वहीं, मेरठ शहर में भी कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। मंगलवार रात 12 बजे से शहर के प्रमुख कांवड़ मार्गों की एक लेन को कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इस लेन पर केवल कांवड़ियों को ही चलने की अनुमति होगी, जबकि दूसरी लेन पर वाहनों की आवाजाही टू-वे व्यवस्था के तहत जारी रहेगी।
पुलिस और ट्रैफिक विभाग ने इस व्यवस्था को लागू कराने के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं। अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ियों की संख्या अभी सीमित है, लेकिन पंचक समाप्त होने के बाद हरिद्वार से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पश्चिमी यूपी पहुंचने की संभावना है। इसी को देखते हुए पहले से तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
शहर में मोदीपुरम से टैंक चौराहा, बेगमपुल होते हुए दिल्ली रोड जाने वाले मार्ग को कांवड़ियों के लिए आरक्षित किया गया है। इसके अलावा बेगमपुल से बच्चा पार्क, हापुड़ अड्डा और बिजली बंबा चौकी तक जाने वाले मार्ग पर भी विशेष व्यवस्था की गई है। हापुड़ अड्डे से गढ़ रोड की ओर जाने वाले रास्ते पर भी एक लेन कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगी।
इसके अलावा टैंक चौराहे से माल रोड और कमिश्नर आवास चौराहे से जेल चुंगी होते हुए विश्वविद्यालय मार्ग पर भी कांवड़ियों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बदली हुई यातायात व्यवस्था का पालन करें और किसी भी परेशानी से बचने के लिए यात्रा से पहले रूट की जानकारी जरूर ले लें।
पुलिस-प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना प्राथमिकता है। श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है।





